सारंगढ़। जिला मुख्यालय सारंगढ़ में नगरीय प्रशासन व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर के महत्वपूर्ण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। खास बात यह है कि जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर निवास का वार्ड भी लंबे समय से अंधेरे में डूबा होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में नगर पालिका की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
शहर में वार्डों की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि सड़क, पानी, बिजली, नाली और प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नजर नहीं आती। आने वाले समय में नगर पालिका चुनाव को देखते हुए शहर की समस्याएं अब राजनीतिक चर्चा का विषय भी बनती जा रही हैं।

कलेक्टर निवास वाले वार्ड में भी अंधेरा
जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू का निवास वार्ड क्रमांक 07 में स्थित है। इसी वार्ड में शिव मंदिर सहित आसपास का क्षेत्र भी शामिल है। स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि यह पूरा इलाका लंबे समय से पर्याप्त रोशनी के अभाव से जूझ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जिला मुख्यालय के महत्वपूर्ण वार्ड में ही प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं है, तो शहर के दूरस्थ वार्डों की स्थिति कैसी होगी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और खराब मौसम के दौरान अंधेरे की समस्या और गंभीर हो जाती है। रात के समय पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
पांच साल बाद भी समस्याओं से राहत नहीं
नगर पालिका परिषद के वर्तमान कार्यकाल का अंतिम चरण चल रहा है। इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पूरी तरह दूर नहीं हो पाई हैं। नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कई स्थानों पर नियमित रखरखाव और आवश्यक सुधार कार्यों में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई देती।
शहरवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका प्रशासन को वार्ड स्तर पर समस्याओं का नियमित निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना चाहिए। खासकर स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधा में लापरवाही से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल
नगर पालिका परिषद में पदस्थ अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि लगातार शिकायतों के बाद भी किसी वार्ड की प्रकाश व्यवस्था ठीक नहीं हो पा रही है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
कलेक्टर निवास वाले वार्ड में अंधेरा होने की बात सामने आने के बाद अब लोगों की नजर नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई पर है। क्या नगर पालिका इस समस्या का तत्काल संज्ञान लेकर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त कराएगी या फिर नागरिकों को आगे भी शिकायतों के बाद इंतजार करना पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी।
नगर पालिका के सामने बड़ी चुनौती
सारंगढ़ तेजी से जिला मुख्यालय के रूप में विकसित हो रहा है। ऐसे में शहर की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शहरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन और नगर पालिका मिलकर वार्डों में प्रकाश, सड़क, पानी और सफाई जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान करेंगे।
फिलहाल कलेक्टर निवास वाले वार्ड में अंधेरे की शिकायत ने नगर पालिका की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और जमीनी स्तर पर कब तक सुधार दिखाई देता है।
