सारंगढ़-बिलाईगढ़, 7 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के नियमित शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए राज्य शासन और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज अनुबंध से बड़ी राहत मिलने जा रही है। वित्त विभाग और एसबीआई के बीच दिसंबर 2025 में हुए इस अनुबंध को 4 जनवरी 2026 से लागू किया गया है। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को दुर्घटना एवं अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में कई महत्वपूर्ण बीमा सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध होंगी।

एसबीआई वेतन खाते को पैकेज खाते में बदलना जरूरी
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ के नियमित शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने एसबीआई वेतन खाते को स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज अकाउंट में परिवर्तित कराना होगा। शासन और एसबीआई के बीच हुए इस समझौते का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
₹1.60 करोड़ का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस
स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज के तहत कर्मचारियों को ₹1 करोड़ 60 लाख तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही ₹1 करोड़ का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस तथा ₹10 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस भी शामिल है।
खास बात यह है कि इन बीमा सुविधाओं के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा। यानी वेतन पैकेज खाते के माध्यम से निर्धारित पात्रता के अनुसार ये सुविधाएं निःशुल्क प्राप्त की जा सकेंगी।
रुपे कार्ड से भी अतिरिक्त बीमा सुविधा
इस पैकेज में रुपे कार्ड के माध्यम से अतिरिक्त बीमा राशि की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस में टॉप-अप की सुविधा भी रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक खर्चों के समय अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
एसबीआई खाताधारक कर्मचारियों का विवरण बैंक को उपलब्ध
वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा राज्य के सभी एसबीआई खाताधारक नियमित शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों का विवरण भारतीय स्टेट बैंक को उपलब्ध करा दिया गया है।
इस व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश के नियमित सरकारी कर्मचारियों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण सहारा मिलेगा। शासन और एसबीआई के इस सैलरी पैकेज को सरकारी कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण वित्तीय सुरक्षा पहल माना जा रहा है।




