सारंगढ़। जिले में नारी रक्षा सम्मान निधि के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के कथित घोटाले से प्रभावित महिलाओं को राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। ठगी का शिकार हुई बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ सारंगढ़ विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े, जिला पंचायत सभापति हरिहर पटेल एवं जनपद सदस्य ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर पीड़ितों की समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने महिलाओं के हित में आवश्यक कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि इस कथित वित्तीय घोटाले के कारण अनेक महिलाओं को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई महिलाओं ने विभिन्न बैंकों से ऋण लेकर योजना में राशि निवेश की थी, लेकिन धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद अब वे गंभीर आर्थिक संकट में फंस गई हैं। दूसरी ओर बैंक ऋण की मासिक किस्त जमा करने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने और पीड़ित महिलाओं को न्याय एवं राहत मिलने तक बैंकों द्वारा ऋण वसूली के लिए किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाए। साथ ही शासन स्तर पर भी प्रभावित महिलाओं को आवश्यक राहत उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने तत्काल लीड बैंक अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ठगी का शिकार हुई महिलाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए तथा उनसे ऋण की किस्त जमा कराने के लिए किसी प्रकार का अनावश्यक दबाव न बनाया जाए। साथ ही संबंधित विभागों को महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर विधायक उत्तरी जांगड़े ने कहा कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे और उनकी आवाज प्रशासन के समक्ष लगातार मजबूती से उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनसेवा केवल दायित्व नहीं बल्कि संकल्प है। समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति के साथ खड़े रहना और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करना हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग भी की, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके।





