सारंगढ़। जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बेल्टिकरी में आयोजित पांच दिवसीय स्काउट-गाइड तृतीय सोपान एवं रोवर-रेंजर निपुण आवासीय शिविर का भव्य समापन उत्साह और गरिमामय वातावरण में हुआ। 25 जुलाई से 29 जुलाई तक चले इस शिविर में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए 45 स्काउट, 85 गाइड, 30 रोवर एवं 15 रेंजर सहित कुल 175 छात्र-छात्राओं ने अनुशासित वातावरण में रहकर देशभक्ति, समाज सेवा, आत्मरक्षा और नेतृत्व के व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किए।
समापन समारोह की मुख्य अतिथि जिला आयुक्त (गाइड) श्रीमती सोमा ठाकुर रहीं। इस अवसर पर दार्जिलिंग में आयोजित पांच दिवसीय कमिश्नर कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे सहायक जिला आयुक्त राजेश कुमार भोई का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सहायक जिला आयुक्त दिव्य प्रकाश सोनी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्रीमती सोमा ठाकुर ने शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्काउट-गाइड एवं रोवर-रेंजर आंदोलन का मूल उद्देश्य सेवा, अनुशासन और परोपकार की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सदैव अनुशासित रहकर समाज सेवा के लिए तत्पर रहना चाहिए। ऐसा प्रशिक्षण उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।
सहायक जिला आयुक्त राजेश कुमार भोई ने दार्जिलिंग प्रशिक्षण के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्काउटिंग और गाइडिंग एकता, भाईचारे एवं नेतृत्व की भावना को मजबूत करती है। उन्होंने सभी स्काउटर, गाइडर एवं पदाधिकारियों से मिलकर जिले में स्काउट-गाइड गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
शिविर के सफल संचालन में 21 सदस्यीय संचालक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसमें पवन नायक, शंकरलाल साहू (जिला प्रशिक्षण आयुक्त), श्रीमती गुणवती साहू, सुश्री धात्री नायक (जिला संगठन आयुक्त गाइड), भागवत प्रसाद साहू, ओमप्रकाश चौहान, लकेश्वर साहू, भगवान प्रसाद बसंत, मनोहरलाल साहू, कन्हैयालाल लहरे, राजाराम साहू, परमानंद साहू, मनीष साहू, छतराम निराला, दुर्गेश कुमार साहू, श्रीमती कैमरून निशा, श्रीमती रुक्मणी देवांगन, श्रीमती सतरूपा बसंत, श्रीमती चंद्रिका बाघ, श्रीमती पार्वती वैष्णव सहित विभिन्न विद्यालयों के स्काउटर एवं गाइडर प्रभारी शामिल रहे। सभी ने प्रशिक्षण के दौरान बच्चों का मार्गदर्शन कर शिविर को सफल बनाया।
पांच दिवसीय आवासीय शिविर में प्रतिदिन योग, पीटी एवं ध्वजारोहण के साथ दिनचर्या की शुरुआत होती थी। शिविरार्थियों को टेंट निर्माण, गैजेट्स तैयार करना, विभिन्न प्रकार की गांठें बांधना, प्राथमिक उपचार, आपदा की स्थिति में घायलों को तत्काल राहत पहुंचाना तथा बिना बर्तनों के भोजन बनाने जैसी उपयोगी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रत्येक शाम आयोजित कैंप फायर में बच्चों ने देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को अतिथियों एवं संचालक मंडल की उपस्थिति में प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।





