सारंगढ़। जिला पंचायत के नवपदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ऋषिकेश तिवारी ने पदभार ग्रहण करने के बाद जिले के जनपद क्षेत्रों का दौरा शुरू कर दिया है। उन्होंने कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय सीधे फील्ड में पहुंचकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया और अधिकारियों-कर्मचारियों को विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।
जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के सभाकक्ष में सीईओ ऋषिकेश तिवारी की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जनपद क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों को योजनाओं का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के बाद सीईओ तिवारी ने ग्राम पंचायत बेलटिकरी एवं रोहिना स्थित रीपा (RIPA) केंद्रों का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों को अब अटल आजीविका समृद्धि हाट के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा।
दौरे के दौरान ग्राम पंचायत गिरसा स्थित फेकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) में उनके प्रत्यक्ष निर्देशन एवं गरिमामयी उपस्थिति में फेकल स्लज की पहली गाड़ी खाली कराई गई। इसे जिले में वैज्ञानिक स्वच्छता प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा सीईओ ने ग्राम पंचायत छुहिया में मनरेगा के तहत निर्मित सिंचाई नाली का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से परीक्षण किया और अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। यह सिंचाई नाली क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई सुविधा को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस निरीक्षण एवं समीक्षा दौरे के दौरान जिला पंचायत डीईओ संजू पटेल, एपीओ शशिकांत गुप्ता, सीईओ योगेश्वरी बर्मन, पीओ किशन जायसवाल, उपयंत्रीगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा ग्राम पंचायतों के सचिव भी उपस्थित रहे। सीईओ ऋषिकेश तिवारी के इस सक्रिय फील्ड दौरे से जिले में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





