सारंगढ़। जन्मदिन को सेवा और संवेदनशीलता का पर्व बनाते हुए जिले की ऊर्जावान एवं नवाचारी शिक्षिका श्रीमती नैना साहनी ने एक प्रेरणादायी पहल की। उन्होंने अपने जन्मदिवस के अवसर पर दिव्यांग संस्था पहुंचकर मानसिक मंदबुद्धि, मूक-बधिर, दृष्टिबाधित एवं अन्य दिव्यांग बच्चों के बीच समय बिताया और उनके साथ खुशियां साझा कीं।
दिव्यांग संस्था की संचालक हीरा देवी निराला के नेतृत्व में संचालित इस संस्था में विभिन्न प्रकार के दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ भोजन, आवास, वस्त्र और स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। संस्था समाज में सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।
शासकीय प्राथमिक शाला गोडिहारी में प्रधान पाठक के रूप में पदस्थ श्रीमती नैना साहनी ने संस्था पहुंचकर सभी बच्चों को केला एवं बिस्किट के पैकेट वितरित किए। उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, नियमित अध्ययन करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रेरक संबोधन से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरा वातावरण भावुक एवं उत्साहपूर्ण बन गया।
इस अवसर पर श्रीमती नैना साहनी ने संस्था की संचालक हीरा देवी निराला एवं संस्था के स्टाफ को पेन भेंट कर उनके सेवा कार्यों का सम्मान भी किया। संस्था परिवार ने इस आत्मीय पहल के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरणादायी प्रयास समाज में सेवा, संवेदना और मानवता का संदेश देते हैं।
जन्मदिन को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर समाज सेवा से जोड़ने की श्रीमती नैना साहनी की इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। यह संदेश भी दिया गया कि यदि हर व्यक्ति अपने विशेष अवसरों पर जरूरतमंदों के बीच खुशियां बांटे, तो समाज और अधिक संवेदनशील एवं मानवीय बन सकता है।



