सारंगढ़-बिलाईगढ़, 5 जुलाई 2026। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के संकल्प के साथ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने बड़ा अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत जिले के 175 कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी और स्वास्थ्य सुधार की जिम्मेदारी विभिन्न अधिकारियों को सौंपी गई है। महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे समन्वय के साथ कार्य कर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करें।
जिले में चिन्हित 175 कुपोषित बच्चे अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज हैं। प्रत्येक केंद्र में एक-एक कुपोषित बच्चे की नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण स्तर की निगरानी, गृह भ्रमण तथा अभिभावकों को संतुलित आहार और पोषण संबंधी परामर्श देने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई है। संबंधित अधिकारी अपने आवंटित आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करेंगे और बच्चों की स्थिति में हुए सुधार का प्रतिवेदन सीधे कलेक्टर को प्रस्तुत करेंगे।

72 आंगनबाड़ी केंद्र हुए कुपोषण मुक्त
जिले में लगातार चलाए जा रहे पोषण अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 72 आंगनबाड़ी केंद्र कुपोषण मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। इनमें बरमकेला परियोजना के 4, भटगांव परियोजना के 17, बिलाईगढ़ परियोजना के 21, लेंधरा परियोजना के 8, कोसीर परियोजना का 1 तथा सारंगढ़ परियोजना के 21 आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, नियमित निगरानी और पोषण सेवाओं के कारण कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
एनआरसी सेंटर की सफलता: दो वर्षों में 465 कुपोषित बच्चे हुए स्वस्थ
जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में संचालित सुपोषण केंद्र (एनआरसी) भी कुपोषण से लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले दो वर्षों में यहां 465 कुपोषित बच्चों एवं उनकी माताओं को भर्ती कर विशेष पोषण आहार, दवाइयां और चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई गई। उपचार के बाद ये बच्चे सामान्य श्रेणी में लौट आए। इस दौरान बच्चों की देखभाल के लिए साथ रहने वाली माताओं को राज्य शासन की ओर से निर्धारित आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में भर्ती 177 बच्चों में 80.52 प्रतिशत, वर्ष 2025 में भर्ती 170 बच्चों में 82.81 प्रतिशत, जबकि जनवरी से जून 2026 तक भर्ती 118 बच्चों में 95.3 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं। यह लगातार बढ़ती सफलता जिले के पोषण अभियान की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से सारंगढ़-बिलाईगढ़ को शीघ्र ही पूर्ण कुपोषण मुक्त जिला बनाया जाएगा।


