महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का लाभ पाने के लिए करीब 10 लाख महिलाएं अब भी नए पंजीयन का इंतजार कर रही हैं। इनमें अधिकतर नवविवाहिताएं हैं। सबसे अधिक लगभग दो लाख महिलाएं बस्तर संभाग की योजना से वंचित हैं।

योजना एक मार्च 2024 से लागू होने के बावजूद दो वर्षों बाद भी नए हितग्राहियों के लिए नियमित रूप से पोर्टल नहीं खोला गया है।
शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी स्थिति निर्मित हो गई है कि एक ही परिवार में साथ रहने वाली जेठानी को योजना का लाभ मिल रहा है, जबकि देवरानी अभी तक पंजीयन नहीं होने के कारण लाभ से वंचित है। इससे महिलाओं में असंतोष बढ़ रहा है।
सीमित अवधि के लिए ही खुला था पोर्टल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने अगस्त 2025 में सीमित अवधि के लिए पोर्टल खोला था, लेकिन यह सुविधा केवल बस्तर संभाग में ‘नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव)’ योजना के तहत सुरक्षा शिविरों के पांच किमी दायरे के गांवों तक सीमित रही। इस विशेष अभियान में करीब सात हजार महिलाओं का पंजीयन हुआ था।
अब तक जारी हो चुकी हैं 28 किस्तें
महतारी वंदन योजना की शुरुआत एक मार्च 2024 को हुई थी। 70 लाख से अधिक हितग्राहियों का पंजीयन हुआ था। विभाग ने विशेष अभियान चलाकर 63 लाख से अधिक हितग्राहियों का आधार डीबीटी से लिंक कराया था। दस मार्च को पहली किस्त जारी की गई थी। 63.57 लाख हितग्राहियों को डीबीटी और 6.48 लाख को एनईएफटी के माध्यम से भुगतान किया गया था।
वर्तमान में महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाएं प्रत्येक माह एक-एक हजार रुपये से लाभान्वित हो रही हैं। अब तक 28 किस्तों के माध्यम से 18,165.19 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के बैंक खातों में जारी किया जा चुका है। अब नई पात्र महिलाओं को पोर्टल दोबारा खुलने का इंतजार है।
सुशासन तिहार में मिले दो लाख से ज्यादा आवेदन
महतारी वंदन योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं की उत्सुकता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि विगत वर्ष सुशासन तिहार में विभाग को दो लाख से ज्यादा आवेदन मिले थे। पोर्टल नहीं खुलने की वजह से आवेदन धूल खा रहे हैं। इस वर्ष भी महतारी वंदन के लिए सर्वाधिक आवेदन मिले हैं।
ये हैं योजना के लिए अपात्र
आयकरदाता, सरकारी कर्मचारी, पूर्व व वर्तमान सांसद-विधायक, सरकारी बोर्ड व निगम के पदाधिकारी के परिवार।
जो महिलाएं छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी नहीं हैं।
1 जनवरी को 21 वर्ष से कम आयु वाली महिलाएं।
पीड़ित महिलाओं की जुबानी: केस स्टडीज
केस-एक: दुर्ग जिले के शिवपार्थ कॉलोनी, अमलेश्वर की रहने वाली आंचल वर्मा ने बताया कि योजना के लिए आवेदन नहीं भर पाई थीं। जबकि, उनकी सास ने आवेदन भर दिया था। सास को तो योजना का लाभ मिल रहा है लेकिन वे पोर्टल खुलने का इंतजार कर रही हैं।
केस-दो: राजधानी के संजय नगर, वार्ड-62 की रहने वाली शमीना बेगम ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र में आवेदन जमा किया था, लेकिन सूची जारी होने पर नाम नहीं था। वहीं, जेठानी और सास को योजना का लाभ मिल रहा है। वंचितों के लिए पोर्टल खोला जाना चाहिए।
केस-तीन: गुढ़ियारी के कचरा चौक, तिलक नगर निवासी शोभना सोनी ने बताया कि राशन कार्ड नहीं होने की वजह से महतारी वंदन के लिए आवेदन नहीं कर पाई थीं। अब राशन कार्ड बन चुका है। पड़ोस में रहने वाली कई महिलाएं भी पोर्टल खुलने का इंतजार कर रही हैं।
महतारी वंदन योजना के दोबारा पोर्टल चालू करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित कर रही है।- लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग


