सारंगढ़। राज्य परियोजना कार्यालय एवं जिला कार्यालय के निर्देशानुसार विकासखंड सारंगढ़ में विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों की पहचान के लिए व्यापक सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनके अधिकारों और शासकीय सुविधाओं का लाभ दिलाना है।
समावेशी शिक्षा प्रभारी नीलम लकड़ा के नेतृत्व में यह सर्वे अभियान पूरे विकासखंड में सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम और विद्यालय में घर-घर पहुंचकर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान की जा रही है। इस कार्य में विद्यालयों के शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा शिक्षा विभाग की टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सर्वे के दौरान 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों का आकलन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है, जबकि 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का सर्वे प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के माध्यम से किया जा रहा है। टीम दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उनके अभिभावकों से संपर्क स्थापित कर रही है और बच्चों का विद्यालय में प्रवेश कराने के लिए प्रेरित कर रही है।
इसके साथ ही अभिभावकों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, दिव्यांग बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, सहायता उपकरणों एवं अन्य लाभकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इनका लाभ प्राप्त कर सकें।
यह विशेष अभियान न केवल दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि समाज में उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें समान अवसर प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।



