सारंगढ़। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2026 में किसानों को धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना के तहत आकर्षक सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। योजना के अंतर्गत धान के बदले अन्य फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तथा खरीफ वर्ष 2026 में दलहन, तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों जैसे अरहर, उड़द, मूंगफली, तिल, मक्का, कोदो-कुटकी, रागी आदि का उत्पादन करने वाले किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराया है तथा अपनी धान उपज सहकारी समितियों के माध्यम से विक्रय करते हैं। साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे (गिरदावरी) में रकबे की पुष्टि होने के बाद ही पात्र रकबे पर सहायता राशि स्वीकृत की जाएगी।
गत वर्ष 2025 में जिले के 144 किसानों को धान के स्थान पर अन्य फसल लेने पर 13 लाख रुपये तथा 10,408 किसानों को दलहन-तिलहन एवं अन्य फसलों के उत्पादन के लिए 2 करोड़ 91 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई थी।
उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा समिति प्रबंधक से संपर्क कर एकीकृत किसान पोर्टल में नया पंजीयन या कैरी फॉरवर्ड पंजीयन कराएं तथा धान के बदले बोई गई अन्य फसलों के रकबे का सही विकल्प दर्ज कराएं। उन्होंने किसानों से दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाज की खेती अपनाकर कृषक उन्नति योजना का लाभ उठाने और प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने का आग्रह किया।



