सारंगढ़-बिलाईगढ़।
एन.एस.यू.आई. (NSUI) के जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ की कलेक्टर महोदया को एक शिकायती पत्र सौंपकर पीएम.श्री. सेजेस (स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय) सारंगढ़ के प्राचार्य श्री लक्ष्मी प्रसाद पटेल (एल.पी. पटेल) के खिलाफ पद के दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं। पत्र में प्राचार्य के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत पत्र के अनुसार, शाला के सहायक शिक्षक (विज्ञान) संविदा श्री तरूण डहरिया दिनांक 01 फरवरी 2026 से 29 अप्रैल 2026 तक बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश स्वीकृति के शाला से अनुपस्थित रहे थे। इस अवधि के दौरान शाला की तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य श्रीमती अभय बैरागी मैडम द्वारा उनका वेतन आहरित नहीं किया गया था।
अभिषेक शर्मा ने आरोप लगाया है कि 30 अप्रैल 2026 को जब मूल प्राचार्य श्री एल.पी. पटेल वापस आए, तो उन्होंने शिक्षक उपस्थिति पंजी में रेड पेन से प्रश्नवाचक चिह्न लगे होने के बावजूद, बिना किसी अवकाश आवेदन या स्वीकृति के, संविदा शिक्षक के बैक डेट (पिछली तारीख) में फर्जी हस्ताक्षर करवा दिए। आरोप है कि “50-50 फॉर्मूला” यानी आधा वेतन खुद रखने के सिद्धांत पर काम करते हुए, प्राचार्य ने बिना काम किए ही संविदा शिक्षक को 02 माह का वेतन भुगतान करा दिया, जो कि स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
रिटायरमेंट से पहले वसूली का आरोप-
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्राचार्य श्री पटेल की अधिवार्षिकी आयु (रिटायरमेंट) दिनांक 31.03.2027 को पूर्ण हो रही है। आरोप लगाया गया है कि वे अपने रिटायरमेंट से पहले ज्यादा से ज्यादा अवैध वसूली और कमीशनखोरी कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचा रहे हैं। पूर्व में जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर रहने के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की छापामार कार्रवाई और पूर्व में कई बार निलंबित होने का हवाला देते हुए उनके आचरण को विभाग की छवि धूमिल करने वाला बताया गया है।
NSUI जिला अध्यक्ष ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग के किसी डिप्टी कलेक्टर से निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच जाए और दोषी प्राचार्य के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।




