सारंगढ़-बिलाईगढ़, 14 जून 2026। वर्षा ऋतु में मछलियों की प्राकृतिक वंशवृद्धि एवं संरक्षण को ध्यान में रखते हुए संचालनालय मछली पालन विभाग ने जिले के सभी नदी-नालों एवं प्राकृतिक जल संसाधनों में 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। इस अवधि में नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध मछलियों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने और जल संसाधनों में मत्स्य संपदा के संरक्षण के उद्देश्य से लगाया गया है। प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का मत्स्याखेट करना कानूनन अपराध माना जाएगा और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, ऐसे तालाब एवं जलस्रोत जिनका नदी-नालों से कोई संबंध नहीं है तथा जलाशयों में संचालित केज कल्चर इकाइयों को इस प्रतिबंध से अलग रखा गया है। इनके अलावा जिले के सभी प्राकृतिक जल स्रोतों में मछली पकड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
मछली पालन विभाग ने जिले के मछुआरों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रतिबंध अवधि का पालन करें और मछलियों के संरक्षण में सहयोग दें, ताकि भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़े और जल संसाधनों का संतुलन बना रहे।





