इग्लैंड दौरे पर फेल हुए वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे में कमाल की बल्लेबाजी की और एक मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहने के अलावा प्लेयर ऑफ द सीरीज भी रहे। 15 साल का यह बच्चा लगातार सूर्खियां बटोर रहा है।

इस बीच भारत के पूर्व क्रिकेटर रोबिन उथप्पा ने तो उनकी तुलना ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, बल्कि दुनिया के सर्वकालिक महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन से कर दी है। दुनिया के टॉप गेंदबाजों को निशाना बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 के प्रदर्शन का सीधा इनाम मिला था और वे टी20 टीम में जगह पाने में सफल रहे थे।
उथप्पा ने कहा है कि अभी यह अंदाजा लगाना जल्दबाजी होगी कि सूर्यवंशी कितना आगे जा सकते हैं, लेकिन उन्होंने माना कि इस टीनएजर की बैटिंग टेक्निक उन्हें खेल के अब तक के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक की याद दिलाती है। महान खिलाड़ी से उनकी तुलना करने से पहले सब्र रखने की सलाह भी उन्होंने दी, लेकिन डॉन ब्रैडमैन और वैभव के बीच की समानताएं उथप्पा ने बताईं और उनमें से एक टेक्निकल समानता है, जो उनमें सबसे अलग थी।
वैभव की टेक्निक ब्रैडमैन जैसी- उथप्पा
रोबिन उथप्पा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “अभी यह कहना मुश्किल है। हमने अभी तक गेंदबाजों को वैभव की बैटिंग पर रिस्पॉन्स करते नहीं देखा है। लोग अभी उसकी बैटिंग के तरीके को समझ रहे हैं। इसलिए हमें इंतज़ार करना होगा और देखना होगा, क्योंकि जब ब्रैडमैन जिस तरह से बैटिंग करते थे, तो वे बॉडीलाइन का इस्तेमाल करते थे। वैभव की टेक्निक ब्रैडमैन जैसी ही है, जहां वह लगभग कभी LBW आउट नहीं हुए।”
ब्रैडमैन का टेस्ट रिकॉर्ड बेजोड़ है। खासकर औसत के मामले में उनके आसपास भी कोई नजर नहीं आता है। 52 टेस्ट मैचों में उन्होंने कुल 6996 रन बनाए थे। उनका औसत 99.94 का था, जिसमें 29 शतक और 13 अर्धशतक शामिल थे। 12 दोहरे शतक और 3 तिहरे शतक भी उन्होंने जड़े थे। उथप्पा ने कहा है कि वैभव सूर्यवंशी अगर अपनी बेखौफ बल्लेबाजी में 40 से ज्यादा का औसत रखते हैं तो यह बड़ी बात होगी।
ब्रैडमैन का औसत क्या फिर भी इतना होता?
उन्होंने आगे कहा, “अगर वैभव अपने स्ट्राइक रेट के साथ 40 के आस-पास का एवरेज बनाए रख सकता है, तो उसे आउटलायर माना जा सकता है। यह देखना भी दिलचस्प होता कि अगर वर्ल्ड वॉर 2 नहीं हुआ होता और ब्रैडमैन ने 30 टेस्ट और खेले होते, तो क्या उसका एवरेज अब भी 99 या 100 से ज्यादा होता?”




