सारंगढ़-बिलाईगढ़, 10 जून 2026। जिले को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने बुधवार को विभिन्न स्वच्छता एवं विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार, कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और योजनाओं को समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा सतत प्रयास है, जिसे प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
सबसे पहले कलेक्टर ने सारंगढ़ स्थित एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) प्लांट का निरीक्षण कर शहर में संचालित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कचरा संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि शहर के प्रत्येक वार्ड में नियमित रूप से कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया ताकि शहर की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर हो सके।
इसके बाद कलेक्टर ग्राम कोतरी स्थित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) पहुंचीं, जहां अधिकारियों ने बताया कि अब तक 87 ट्रिप फीकल स्लज का वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निस्तारण किया जा चुका है। लगभग एक एकड़ क्षेत्र में स्थापित इस इकाई में सेप्टिक टैंकों से एकत्रित मल-कीचड़ को डिस्लजिंग वाहनों के माध्यम से लाकर उपचारित किया जाता है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित इस इकाई में उपचारित अपशिष्ट से जैविक खाद तैयार की जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुनः उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एफएसटीपी परिसर के आसपास लगभग 5 एकड़ भूमि में लेमन ग्रास प्लांटेशन विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पहल से महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। इसके साथ ही उन्होंने एफएसटीपी के समीप शासकीय भूमि पर किए गए बेजा कब्जे की जानकारी मिलने पर संबंधित पटवारी को तत्काल कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए एफएसटीपी के समीप स्थित तालाब में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मत्स्य पालन गतिविधियां प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। उनका मानना है कि इससे स्थानीय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
निरीक्षण के अंतिम चरण में कलेक्टर ने ग्राम हरदी स्थित धान संग्रहण केंद्र का जायजा लिया। लगभग 67 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस केंद्र की व्यवस्थाओं, उपलब्ध अधोसंरचना और रखरखाव संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को केंद्र की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के इस औचक निरीक्षण से स्पष्ट संकेत मिला है कि जिला प्रशासन स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास को एक साथ जोड़कर जिले के समग्र विकास की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है।

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