सारंगढ़। ग्राम पंचायत परसदा बड़े के महंत पारा में निजी भूमि पर स्थापित विद्युत ट्रांसफार्मर को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और ट्रांसफार्मर को निजी भूमि से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।
ग्रामीणों एवं भूमि स्वामी हेमंत पटेल द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया है कि संबंधित भूमि का राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन और मापन कराया गया था। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि विद्युत ट्रांसफार्मर निजी भूमि के भीतर स्थापित है। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर की मौजूदगी से भूमि के उपयोग में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है, वहीं सुरक्षा संबंधी खतरे भी लगातार बने हुए हैं।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने से पहले भूमि स्वामी से किसी प्रकार की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी), लिखित सहमति अथवा अन्य आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त नहीं की गई। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि आखिर किस आधार पर और किन परिस्थितियों में निजी भूमि पर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया तथा क्या इस दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में पिछले लगभग दो वर्षों से विभागीय अधिकारियों को लगातार शिकायतें और आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे क्षेत्र के लोगों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जाए तथा निजी भूमि से ट्रांसफार्मर हटाकर उचित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से न केवल विवाद का समाधान होगा, बल्कि भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं की पुनरावृत्ति भी रोकी जा सकेगी।


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