सारंगढ़। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलाईगढ़ में सम्मान एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में नर्सों के अतुलनीय योगदान, सेवा भावना और स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के बीएमओ डॉ. शशि जायसवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी स्वास्थ्य कर्मियों एवं नर्सिंग स्टाफ ने समाज के प्रति नर्सों की समर्पित सेवाओं को नमन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका, उनके सामाजिक एवं मानवीय योगदान को रेखांकित करना था।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में बीएमओ डॉ. शशि जायसवाल ने कहा कि “नर्सें स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ हैं। उनका निस्वार्थ सेवा भाव, अनुशासन और समर्पण समाज को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। नर्सों का सशक्तिकरण ही बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।” उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को पेशेवर मूल्यों को अपनाते हुए सेवा कार्य में निरंतर समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. जायसवाल ने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि जब पूरा विश्व संकट में था, तब नर्सिंग स्टाफ ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की सेवा की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी नर्सों ने पूरी निष्ठा, धैर्य और सेवा भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया, जो सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने नर्सों की तुलना मां से करते हुए कहा कि मरीजों की देखभाल और उन्हें मानसिक संबल देने में नर्सों का योगदान अतुलनीय है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. श्रुति दुबे, डॉ. हरीश साहू, बीपीएम लकेश्वर बघेल, नर्सिंग इंचार्ज श्वेता मसीह सहित समस्त स्टाफ नर्सों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। पूरे आयोजन में सम्मान, सेवा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

