सारंगढ़। नगर के ऐतिहासिक एवं धरोहर मुड़ा तालाब के सौंदर्यीकरण और विकास के नाम पर पिछले 25 वर्षों में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नगरपालिका को करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत की गई, लेकिन आज भी मुड़ा तालाब स्थित आमाघाट पुलिया अपनी बदहाल स्थिति पर आंसू बहा रही है। पुलिया की जर्जर और संकरी हालत को लेकर अब नगरपालिका के सब इंजीनियरों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार मुड़ा तालाब के गहरीकरण, पिचिंग, अहाता निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों पर छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद लगभग चार से पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन आमाघाट पुलिया की स्थिति जस की तस बनी हुई है। आरोप है कि विकास कार्यों की इस्टीमेट तैयार करते समय पुलिया की दयनीय स्थिति को नजरअंदाज कर दिया गया और इसके निर्माण या चौड़ीकरण के लिए अलग से प्रस्ताव तक नहीं बनाया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया काफी संकरी और खतरनाक हो चुकी है, जहां आए दिन मवेशी गिरते रहते हैं। कई बाइक सवार राहगीर भी यहां दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
नगरवासियों ने मांग की है कि आमाघाट पुलिया का जल्द चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और करोड़ों के सौंदर्यीकरण कार्यों का वास्तविक लाभ जनता को मिल सके।


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