छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को जेल में बंद भारतीय स्टेट बैंक (एसीबीआई) के एक अधिकारी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दायर किया।

अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि एसबीआई अधिकारी पर यहां एक बैंक खाते से फर्जी लेन-देन के जरिए 2.78 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी करने का आरोप है।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन मुख्य शाखा प्रबंधक विजय कुमार अहके के खिलाफ विशेष अदालत में 1,290 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया गया।
आरोपी अहके रायपुर स्थित केंद्रीय कारागार में बंद है।
अधिकारियों ने बताया कि शाखा के खातों में वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने के बाद अहके को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी अहके ने मुख्य शाखा प्रबंधक के पद पर रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 28 अगस्त 2024 से 11 जून 2025 के मध्य कूटरचित वाउचर तैयार कर शाखा के ब्रांच जनरल लेजर (बीजीएल) खाते से धन का गबन किया।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने गबन की राशि कुल 75 लेनदेन के माध्यम से अपनी धर्मपत्नी के बैंक खाते में अंतरित की और बाद में उस राशि को नेट बैंकिंग के माध्यम से व्यक्तिगत बैंक खाते में भेज कर डेल्टा एक्सचेंज, क्रिप्टो करेंसी, कमोडिटी व ‘ऑप्शन ट्रेडिंग’ में निवेश किया।
उन्होंने बताया कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य, जब्त दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, मुख्य सर्वर से प्राप्त लेनदेन की प्रमाणित प्रति तथा साक्षियों के बयान के आधार पर आरोपी अहके के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओ के तहत कार्रवाई की गई।
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