शहर स्थित झोलाछाप डॉक्टर ने लगाया मौत का इंजेक्शन! कंधे का दर्द से छुटकारा पाने गये मरीज की मौत…
रायगढ़। झोलाछाप डाक्टर गली मोहल्लों में क्लिनिक खोल कर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला स्थानीय कोतरा रोड सोनिया नगर में उस वक्त सामने आया, जब एक एक युवक के कंधे में दर्द होने पर वह पटाखा गोदाम के सामने संचालित हो रहे नेचरो क्लिनिक जाकर तथाकथित डाक्टर भुवनेश्वर साहू के पास इलाज के लिए गया था जहां इंजेक्शन लगाने के आधे घंटे के बाद ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिजनों के साथ ही मोहल्लेवासियों में भी उक्त डाक्टर के खिलाफ आक्रोश भडक़ गया। वहीं लोगों को आक्रोशित देख डाक्टर फरार हो गया।
सोमवार की सुबह मृतक के पार्थिव देव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया गया था। इस बात की भनक लगने पर कोतवाली पुलिस पोस्टमार्टम के लिए शव को अपने कब्जे में लेने के लिए पहुंची थी परंतु तब तक अंतिम संस्कार हो चुका था। वहीं दुसरी ओर घटना की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी जांच के लिए सोनिया नगर पहुंची थी, जहां डाक्टर भुवनेश्वर साहू का पंजीयन नहीं होना पाया गया। हालांकि परिजनों के नहीं मिलने से गलत इंजेक्शन लगाने की जांच नहीं हो पाई है।
वहीं इंजेक्शन लगाने के तकरीबन आधा घंटा बाद ही भोला यादव की मृत्यु हो गई। माना जा रहा है कि गलत इंजेक्शन लगाने की वजह से उसकी मौत हुई है। दूसरी ओर युवक की मौत पर परिजनों एवं मोहल्लेवासी आक्रोशित होकर डाक्टर के क्लिनिक पहुंचे लेकिन तब तक भुवनेश्वर साहू फरार हो गया था। हालांकि मामले में मृतक के परिजन कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं और पुलिस में भी अब तक उनके द्वारा किसी प्रकार की शिकायत नहीं की गई है। वहीं सोमवार की सुबह जब घटना के संबंध में कोतवाली पुलिस की सूचना मिली तब स्वयं संज्ञान लेते हुए पुलिस टीम पोस्टमार्टम के लिए शव को अपने कब्जे में लेने के लिए पहुंची थी, परंतु तब तक परिजनों द्वारा श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया जा चुका था। परिजनों द्वारा पुलिस को जानकारी दिये बगैर आनन फानन में किये गये अंतिम संस्कार को लेकर भी कई प्रकार के सवाल खडे हो रहे हैं।
जांच के लिए पहुंचे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी की खानापूर्ति –
फर्जी डाक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने से एक व्यक्ति की मौत होने के मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सोनिया नगर पंहुची थी, लेकिन जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति कर वापस लौट गई। सीएमएसओ अनिल कुमार जगत का कहना है कि टीम जांच के लिए सोनिया नगर गई थी जहां पता चला कि मोहल्ले में संचालित नेचरो क्लिनिक का उनके विभाग में कोई पंजीयन नहीं है। वहीं मृतक के परिजन नहीं मिले जिसकी वजह से गलत इंजेक्शन मामले की जांच नहीं हो पाई। गलत इंजेक्शन की वजह से मौत होने की पुष्टि होती है तो क्लिनिक को सील कर कार्रवाई की जावेगी।
नेचरो क्लिनिक का पंजीयन नहीं होना पाया जाना ही इस बात को स्पष्ट करता है कि फर्जी तरीके से क्लिनिक संचालित हो रहा था और यह घटना नहीं घटती तो भवनेश्वर साह आगे भीइसी प्रकार मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करता रहता। इस तरह जिला मुख्यालय में फर्जी तौर पर संचालित हो रहे क्लिनिक से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा रहा है।
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