सारंगढ़: बरमकेला में यूरिया खाद की कमी ने किसानों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया। सोमवार सुबह से ही दर्जनों गांवों के किसान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सुभाष चौक पर पहुंच गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन ने चक्काजाम का रूप ले लिया। मुख्य चौक से लेकर आसपास के रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और बाजार सूना पड़ गया।

किसानों का कहना है कि बुवाई के इस अहम वक्त में यूरिया खाद के लिए उन्हें बार-बार समितियों और गोदामों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन हाथ कुछ नहीं लग रहा। देर से मिल रही खाद के कारण रोपाई और फसल की देखरेख पर असर पड़ रहा है।
आंदोलन के बढ़ते दबाव को देखते हुए बरमकेला पुलिस के साथ आसपास के थानों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया। अधिकारी मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिसकर्मी लगातार चौराहे पर तैनात हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर तुरंत खाद की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो विरोध और तेज किया जाएगा। उनका आरोप है कि सरकार किसानों की मुश्किलें समझने के बजाय वादाखिलाफी कर रही है और वितरण व्यवस्था में भारी लापरवाही बरत रही है।
इस बीच, चक्काजाम ने नगर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्कूल के बच्चे, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और रोजमर्रा के यात्री सभी जाम में फंसे हैं। दुकानों में सन्नाटा है और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि रविवार देर शाम किसानों ने सरिया थाना पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया था, जिसमें खाद संकट खत्म करने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था। इससे पहले तहसीलदार को भी इसी मुद्दे पर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो किसानों ने आज सड़कों पर उतरकर अपना रोष जताया।

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