छत्तीसगढ़ के कोरबा शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के इंतजार में एक दो वर्षीय मासूम ने दम तोड़ दिया। गले में चना फंसा हुआ था। इसके कारण उसकी सांसें रुक रही थीं, लेकिन समय पर न तो डॉक्टर पहुंचे और न अस्पताल ने ज़रूरी उपकरण उपलब्ध कराए। आखिरकार बच्चा मां की गोद में तड़पते हुए दम तोड़ दिया।

मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को पीजी कॉलेज के सामने पोड़ीबहार क्षेत्र से गरीब परिवार का यह बच्चा सांस लेने में तकलीफ के चलते मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। चना गले में फंसा हुआ था। परिजनों ने बताया कि इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ को कई बार डॉक्टर बुलाने कहा गया, लेकिन कोई वरिष्ठ डॉक्टर नहीं आया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्चे को बचाने के लिए आवश्यक उपकरण, जैसे वैक्यूम पाइप तक अस्पताल ने देने से इंकार कर दिया। परिजनों को खुद बाजार से पाइप मंगाने भेजा गया।
इस पूरे दौरान बच्चे की हालत बिगड़ती गई और देर शाम उसने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया। मां बेसुध हो गई और पिता ने रोते हुए कहा — सरकारी अस्पताल में उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन हमें तसल्ली तक नहीं मिली। अगर वक्त पर इलाज होता तो हमारा बच्चा आज जिंदा होता।
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