पेंशनरों का बिगुल: हक की लड़ाई के लिए 20 मार्च को सारंगढ़ में होगा बड़ा धरना प्रदर्शन…
सारंगढ़। पेंशनरों के अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर अब आवाज तेज होती नजर आ रही है। ह० किए पेंशनर समाज रायपुर के पत्र के आधार पर राज्यभर के साथ-साथ सारंगढ़ और बिलाईगढ़ में भी पेंशनरों द्वारा बड़ा धरना प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 20 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक तहसील स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके बाद जिला दण्डाधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस संबंध में प्रशासन को 18 मार्च को लिखित सूचना देकर आवश्यक अनुमति भी प्राप्त कर ली गई है।
सभी गुटों से एकजुट होने की अपील
तहसील इकाई बिलाईगढ़ एवं सारंगढ़ के पेंशनर नेताओं ने सभी पेंशनरों से अपील की है कि वे किसी भी गुट या संगठन के मतभेद को भुलाकर एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाएं। यह आंदोलन सभी पेंशनरों के अधिकारों की लड़ाई है।
प्रमुख मांगें क्या हैं?
धरना प्रदर्शन के माध्यम से पेंशनर समाज ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं—
पेंशन भुगतान में लागू धारा 49 (6) की प्रक्रिया समाप्त की जाए
केन्द्र सरकार के समान 1 जनवरी और 1 जुलाई से महंगाई भत्ता स्वीकृत किया जाए
छठवें वेतनमान के तहत 1 जनवरी 2006 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 32 माह का एरियर दिया जाए
सातवें वेतनमान के तहत 1 जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों को 27 माह का एरियर भुगतान किया जाए
पेंशनर कल्याण निधि से चिकित्सा व्यय का भुगतान या कैशलेस इलाज सुविधा उपलब्ध कराई जाए
चन्द्रा भवन में जुटेंगे पेंशनर
तहसील इकाई अध्यक्ष एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष बी.एल. चन्द्राकर ने बताया कि सभी पेंशनरों को 20 मार्च को दोपहर 1 बजे गढ़भाठा, सारंगढ़ स्थित चन्द्रा भवन में उपस्थित होना है, जहां से धरना प्रदर्शन की शुरुआत होगी।
ये रहे प्रमुख अपीलकर्ता
इस आंदोलन में प्रमुख रूप से बी.एल. चन्द्राकर के साथ अमरनाथ खरकर, दशरथ साहू, सुवन खुंटे, सुरेश शुक्ला, सीताराम महेश, शिवनाथ, सीताराम कुर्रे, सुन्दर निराला सहित कई वरिष्ठ पेंशनर शामिल हैं।
पेंशनरों की इस एकजुटता और आंदोलन से अब सरकार पर दबाव बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
