चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में माता के भक्त व्रत रखकर मैया की आराधना करेंगे। व्रत में सात्विक भोजन किया जाता है। सिंघाडे से व्रत के लिए बर्फी और हलवा बनाया जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सिंघाड़े के आटे का चीला खाया है।

अगर नहीं तो इस बार आप इसे बना सकते हैं।
इसमें भरपूर प्रोटीन होता है। यह आसानी से पच जाता है। इसके साथ ही यह फल फाइबर, फोलेट, एंटीऑक्सीडेंट और पोटेशियम जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत माना जाता है। फल फाइबर, फोलेट, एंटीऑक्सीडेंट और पोटेशियम जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसका स्वाद और पौष्टिकता बढ़ाने के लिए आप व्रत में खाई जाने वाली सब्जियां भी इसमें मिला सकते हैं।
इन चीजों की पड़ेगी जरूरत
सिंघाड़ा आटा – 1 कप
कद्दूकस की हुई लौकी (घिया)- 1/2 कप ( अच्छी तरह से भरी हुई )
कटी हुई हरी मिर्च – 2
कटा हुआ हरा धनिया – 2 से 3 बड़े चम्मच
कसा हुआ अदरक – 1/2 छोटा चम्मच
जीरा – 1/2 छोटा चम्मच
कुटी हुई काली मिर्च – 1/2 छोटा चम्मच
नमक/सेंधा नमक – 1 छोटा चम्मच (स्वादानुसार)
पानी – 3/4 कप (लगभग)
जैतून का तेल / घी – पकाने के लिए
पहले जान लें ये बातें
यहां आप लौकी की बजाय कद्दूकस की हुई तोरी , गाजर या 1 मध्यम आकार का उबला हुआ आलू इस्तेमाल कर सकती हैं । अदरक डालना भी वैकल्पिक है। ऊपर दी गई रेसिपी से 4 चीले बनेंगे। आप अपनी पसंद के अनुसार मात्रा को आधा या दोगुना कर सकते हैं।
सिंघाड़े के आटे का चीला बनाने की विधि
लौकी को कद्दूकस करें
चीला बनाने के लिए सबसे पहले लौकी को छीलकर बीच से काट लें। एक बात का ध्यान रखें अगर लौकी के बीच में बहुत सारे बीज हों तो उन्हें निकाल दें। इसके बाद कद्दूकस या फूड प्रोसेसर से बारीक पीस लें।
सिंघाड़ा चीला के लिए बैटर बनाएं
अब आपको चीला बनाने के लिए बैटर तैयार करना है। इसके लिए एक कटोरे में सिंघाड़ा आटा , कटी हुई लौकी, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया और सभी मसाले डालकर अच्छी तरह मिलाना है धीरे-धीरे पानी डालकर गाढ़ा मिश्रण बनाएं। आप जरूरत के हिसाब से आप कम या ज्यादा कर सकते हैं। मिश्रण को ढककर 5 मिनट के लिए रख दें। फिर 5 मिनट आराम करने के बाद दें। अगर आपको घोल बहुत गाढ़ा लग रहा है तो उसमें 1-2 बड़े चम्मच पानी और मिला सकते हैं।
घोल को पैन पर फैलाएं
अब आपको एक नॉन-स्टिक पैन या लोहे का पैन लेना है। इसे गरम करें। उस पर थोड़ा सा तेल छिड़कें। फिर टिश्यू पेपर से पोंछ लें। अब पैन पर एक करछी घोल डालें और गोलाकार गति में फैलाएं। इसे मध्यम आंच पर पकाएं। एक मिनट बाद, किनारों के पास थोड़ा सा तेल या घी छिड़कें। इसे 2-3 मिनट तक पकने दें। जब चीले की ऊपरी सतह सूख जाए, तो स्पैचुला की मदद से किनारों को उठाने की कोशिश करें। इसके बाद ऊपर से थोड़ा तेल छिड़कें। फिर इसे पलटें और दूसरी तरफ से भी 1-2 मिनट तक पकाएं। इसे बीच से मोड़कर प्लेट में निकाल लें। दही, हरी चटनी , इमली की चटनी के साथ सर्व करें।
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