छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक बार फिर से धर्मांतरण का मामला सामने आया है। यहां चंगाई सभा की आड़ में लोगों को धर्म परिवर्तन किया जा रहा था। ग्रामीणों को मुफ्त इलाज, मुफ्त शिक्षा और सरकार के उच्च पदों पर नौकरी का झांसा दिया जा रहा था। इस मामले में पुलिस की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दिया है।

दरअसल, जिले के राजपुर विकासखंड के ग्राम बैढ़ी में देर रात को एक घर के बगल में चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में लगभग 200 लोग मौजूद थे और उन्हें प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा था। इस मामले की सूचना मिलने के बाद एसडीएम और पुलिस की टीम रात में ही मौके पर पहुंची और पुलिस को देखकर वहां हड़कंप मच गया था। पुलिस ने प्राथमिक रिपोर्ट पर रात में ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और देर रात तकरीबन 1:30 बजे इस मामले में अपराध दर्ज किया गया था। सुबह जब हुआ तो इन अपराधियों को संरक्षण देने वालों की भारी भीड़ थाने में जमा हो गई थी, लेकिन पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाहर से जाकर क्षेत्र में भारी संख्या में पास्टर व अन्य लोग धर्मांतरण को बढ़ावा दे रहे हैं और गरीब लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

मामले में एसडीओपी ने बताया कि पुलिस की विवेचना में यह बात सामने आई है कि भोले-भाले ग्रामीणों को मुफ्त शिक्षा, मुफ्त इलाज एवं सरकार के उच्च पदों पर नौकरी दिए जाने का लालच दिया जा रहा था। इसमें भोले भाले पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोग ज्यादातर शामिल हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों प्रदीप भगत और परसु बेक को तो गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दिया है।
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