छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर अपहरण और दुष्कर्म करने वाले आरोपी को अदालत ने 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

जानकारी के अनुसार, इस मामले पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विशेष न्यायाधीश कृष्ण कुमार सूर्यवंशी की तरफ से आरोपी विनोद कुमार साहू (26) निवासी कुम्हली खुर्द, थाना रनचिरई को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई गई गई।
जानें कैसे हुआ मामला दर्ज
इस मामले में पीड़िता ने बताया कि आरोपी से उसकी पहचान उसके गांव में हुई थी, जब वह अपने मामा के घर मेहमान बनकर आया था। बाद में दोनों की मोबाइल पर बातचीत के दौरान दोस्ती गहरी होने लगी। ऐसे में, आरोपी ने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन नाबालिग होने के कारण पीड़िता ने इनकार कर दिया। मई 2021 में उसके परिजनों ने उसे आरोपी से बात करते देख लिया और उसका मोबाइल छीन लिया, जिससे दोनों के बीच का कनेक्शन पूरी तरह से बंद हो गया । बताया गया है कि, कुछ समय बाद 4 अगस्त 2021 को आरोपी स्कूटी से गांव पहुंचा और लड़की को खपरी बंजारी मंदिर ले गया, जहां उसने पीड़िता से शादी का नाटक किया। अगले दिन आरोपी उसे अपने दोस्त के घर, पुसौर रायगढ़ ले गया, जहां उसने शारीरिक संबंध भी बनाया। इसके बाद आरोपी उसे भोपाल ले जाकर किराए में ले गया और वहां भी उसके साथ रपे करता रहा।
पुलिस कार्रवाई और अदालत का फैसला
बताया गया है कि, पीड़िता के परिजनों ने 5 अगस्त 2021 को थाना पुरूर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। ऐसे में, 9 सितंबर 2021 को पुलिस ने आरोपी को बस स्टैंड, भाठागांव, गुंडरदेही से गिरफ्तार कर लिया। दूसरी तरफ, अदालत ने आरोपी को धारा 363 के तहत 5 साल की सजा, धारा 366 के तहत 7 साल की सजा और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल की सजा सुनाई। इसके अलावा, तीन अलग-अलग धाराओं में 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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