मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बृहस्पतिवार को कहा कि जब तक कांग्रेस हिमाचल प्रदेश की सत्ता में है तब तक पुरानी पेंशन योजना जारी रहेगी। सुक्खू ने कांगड़ा के धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के दारी मेला ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तपोवन के पास 150 करोड़ रुपये की लागत से देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र के निर्माण की घोषणा की।

यहां जारी एक बयान के मुताबिक, सुक्खू ने कहा कि सम्मेलन केंद्र में प्रमुख कंपनियों द्वारा सेमिनार आयोजित किए जाएंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल कर अपना चुनावी वादा पूरा किया है।

उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस राज्य की सत्ता में है, पुरानी पेंशन योजना जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य की ऋण सीमा में 1,600 करोड़ रुपये की कटौती की है और पुरानी पेंशन को बहाल करने के लिए अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत लगभग 9,000 करोड़ रुपये अब भी केंद्र सरकार के पास रुके हुए हैं और केंद्र सरकार राज्य पर एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को लागू करने के लिए दबाव बना रही है। सुक्खू ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछली सरकार के दौरान अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी हो गयी थी और सरकारी नौकरियों को ‘बेचा’ गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए राज्य के खजाने का दुरुपयोग किया जबकि कांग्रेस सरकार आम लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक लाभ के लिए निर्णय नहीं लेती बल्कि जन कल्याण सुनिश्चित करती है।
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