लखनऊ। यूपी के प्राथमिक विद्यालय के टीचर्स को सरकार की तरफ से सौगात मिलने जा रही हैं। योगी सरकार ने प्रमोशन के लिए अपनी नई पॉलिसी तय कर ली है जिसके तहत करीब दो लाख शिक्षाओं को पदोन्नत किये जाने का प्रस्ताव है। बेसिक शिक्षा विभाग इसे शीघ्र ही अन्तिम रूप देकर शासन को भेजने की तैयारी में है। शासन की मुहर लगते ही इसे जारी किया जाएगा। इससे करीब दो लाख शिक्षकों को लाभ होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ यह पदोन्नति हर तीन साल पर होगी। बतया यह भी जा रहा हैं कि सरकार ने इस संबंध में फ़ाइल की अदला-बदली भी शुरू कर दी है।

सरकार के नई पॉलिसी के तहत में प्राथमिक श्रेणी में प्रमोशन पाने वाले टीचर उसी स्कूल में प्रधानाध्यापक भी बन सकेंगे, जहां वे सेवारत थे। अभी सहायक अध्यापक पद से प्रमोशन के बाद उच्च प्राइमरी में असिस्टेंट टीचर्स या दूसरे प्राइमरी स्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नति का प्रावधान है। नई नीति के लागू होने के बाद स्कूल शिक्षा महानिदेशालय द्वारा बनाए गए मानकों को पूरा करने वाले उसी स्कूल में प्रधान अध्यापक बन सकेंगे।

टीचर्स की पदोन्नति भी हर तीन वर्षों के अंतराल में होगी। फिलहाल मौजूदा नीति के तहत शिक्षकों को पांच साल के बाद पदोन्नति मिलती है। हालांकि पिछले आठ वर्षों से विभाग में शिक्षकों की कोई पदोन्नति नहीं हुई है। तीन साल पर पदोन्नति की नीति-2015 से पूर्व भी रही है, जिसे बाद में सरकार ने पांच साल में बदल दिया था। सरकार ने शिक्षकों की वरिष्ठता सूची को जल्द से जल्द फाइनल करने भी निर्देश दिए हैं ताकि नई नीति मंजूर होते ही पदोन्नति की प्रक्रिया उसी अनुसार शुरू की जा सके। प्राइमरी शिक्षकों की सीनियरिटी लिस्ट का प्रकाशन लंबे समय से लटका पड़ा है।
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