छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां प्रदेश आबकारी सचिव आर संगीता खुद आबकारी विभाग की चार टीमें भेजने के बाद अवैध शराब के लिए फेमस महासमुंद पहुंची.

चार शराब दुकानों पर छापामार कार्रवाई की गई. उन्हीं में से एक शराब दुकान गाड़ाघाट तुमगांव की भी थी, जहां डिप्टी कलेक्टर (Deputy Collector) पी एल साहू ने खुद ग्राहक बनकर शराब खरीदी. दुकानदार ने उन्हें 220 रुपये की शराब 250 रुपये में बेची. डिप्टी आयुक्त ने मामले का पंचनामा तैयार कर आबकारी सचिव को प्रस्तुत किया. इसपर संज्ञान लेते हुए आबकारी सचिव आर संगीता ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के सभी आबकारी अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा की.

इन घोटालों का हुआ खुलासा
समीक्षा करने के बाद मीडिया से बात करते हुए आबकारी सचिव ने कहा, ‘हमें शिकायतें मिल रही थी. उसके आधार पर छापामार कार्रवाई की गई. जांच में तय रेट से अधिक दाम पर शराब की बिक्री, ब्रांड का शराब उपभोक्ता को न मिलने और शराब दुकान कर्मचारियों के द्वारा यूनिफॉर्म न पहने की शिकायत सही पायी गयी. साथ ही, अंग्रेजी व देशी शराब की बिक्री में कमी और अवैध शराब बिक्री पर रोकथाम नहीं लगा पाने पर जिला आबकारी अधिकारी एम के जयसवाल का निलंबन प्रस्ताव और एक सहायक आबकारी अधिकारी का एक वेतन वृद्धि रोकने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है
शिकायत पर नहीं हो रही थी कार्रवाई
गौरतलब है कि महासमुंद जिले में अवैध शराब बिक्री, शराब दुकानों पर ओवर रेट और शराब में पानी मिलाने की शिकायत काफी दिनों से आबकारी विभाग को मिल रही थी. लेकिन, जिला का आबकारी विभाग कोई एक्शन नहीं ले रहा था. डिप्टी कलेक्टर की शिकायत पर प्रदेश आबकारी अधिकारियों ने एक्शन लिया और जिला आबकारी विभाग के अधिकारी को निलंबित भी कर दिया गया.
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