नई दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विजयादशमी के पावन अवसर पर सात नई रक्षा कंपनियां राष्ट्र को समर्पित करेंगे.वह रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में एक वीडियो संबोधन इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा उद्योग संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सात नयी रक्षा कंपनियों का संदर्भ देते हुए कहा कि सरकार ने देश की रक्षा तैयारियों में आत्मनिर्भरता में सुधार के कदम के तहत आयुध निर्माणी बोर्ड (Ordnance Factory Board) को एक विभाग से सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले सात निगमों में बदलने का निर्णय किया है.

जिन सात नई रक्षा कंपनियों को शामिल किया गया है, उनमें मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड (MIL); बख्तरबंद वाहन निगम लिमिटेड (अवनी); एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूई इंडिया); ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल); यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल); और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) के नाम शामिल हैं.
7 निगम बनाने के लिए दोनो कोर्ट में दायर की याचिका
रक्षा मंत्रालय ने 28 सितंबर को आदेश जारी कर कहा कि 1 अक्टूबर से आयुध निर्माणी बोर्ड को समाप्त कर 7 नई कंपनियां बनाई है. अब कर्मचारी कारखानों में हड़ताल नहीं कर सकते और ना ही किसी को उकसा सकते हैं. ऐसा करने पर जेल के साथ जुर्माना भी भरना पड़ सकता है. हालांकि, इन दोनों मजदूर संगठनों ने सरकार के आयुध निर्माणी बोर्ड को खत्म कर 7 निगम बनाये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है. सेना के लिये यूनिफॉर्म से लेकर हथियार, गोला बारूद, तोप और मिसाइल बनाने वाली कारखानों के कर्मचारी सरकार के खिलाफ ना केवल नाराज हैं बल्कि गुस्से में भी हैं.
कांग्रेस ने उठाए सवाल
वहीं सरकार के इस कदम पर सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने सवाल खड़े करते हुए अपनी भड़ास भी निकाली है. अपने ट्वीट में वह लिखते हैं, ‘यह कदम हमारे रक्षा क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने का पहला कदम है. एयरपोर्ट, पोर्ट, रेलवे, बैंक, डिफेंस इंडस्ट्री से लेकर सभी कुछ इस सरकार में प्राइवेट होता जा रहा है. ज्यादातर अदानी को बेच दी गई हैं.




