बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत छाताकोना में एक प्राथमिक स्कूल की हालत के बारे में जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। यहां शिक्षक महीने में एक या दो बार से ज्यादा नहीं आते। आलम ये है कि, स्कूल में आने वाले बच्चों को खुद ही मध्यान भोजन बनाना पड़ता है। बच्चों की देखरेख एक स्वीपर के भरोसे है और जब स्वीपर भी नहीं आती है तो वह अपनी बेटी को भेज देती है।

बच्चे खुद बना रहे खाना
सरकारी स्कूल में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक खूबसूरत स्लोगन दिया था स्कूल जा पढ़े पर जिंदगी ला गढ़े बर, लेकिन बलरामपुर जिले के छाताकोना प्राथमिक स्कूल में मासूम बच्चे अपना भविष्य पढ़ाई में नहीं कर पा रहे हैं बल्कि मध्यान भोजन का खाना बना रहे हैं। बच्चों द्वारा स्कूल में मध्यान भोजन बनाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और अब वह कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
यहां पदस्थ स्वीपर के घर में किसी का देहांत हो गया तो उसने अपनी बेटी को अपनी ड्यूटी करने के लिए स्कूल में भेज दिया। स्वीपर की बेटी ने कहा कि शिक्षक कभी कभार ही आते हैं और बच्चों की देखरेख स्वीपर ही करती हैं।
जांच रिपोर्ट के बारे सुनकर आप भी जाएंगे हैरान
मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें भी इस बात की जानकारी मिली थी और जांच के लिए उन्होंने बीईओ को भेजा था, लेकिन जांच रिपोर्ट सुनकर सभी हैरान है। दरअसल शिक्षक का पेट खराब हो गया था और वह स्कूल से कहीं चले गए थे। अपनी गलती छुपाने के लिए यहां तरह-तरह के बहाने बनाए जा रहे हैं और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
- सारंगढ़ बिलाईगढ़ : शराब पीकर स्कूल आने वाले, नेटवर्क मार्केटिंग में लिप्त और दबंगई करने वाले 3 शिक्षक सस्पेंड…कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के कड़े निर्देश पर डीईओ जे.आर. डहरिया की गाज..1 प्रधान पाठक पर विभागीय जांच की अनुशंसा..लापरवाह शिक्षकों में मचा हड़कंप.. - July 30, 2026
- हसौद में कथित अवैध शराब कारोबार पर बढ़ा आक्रोश, निष्पक्ष जांच की उठी मांग… - July 30, 2026
- सारंगढ़:किस्त जमा फिर भी मोबाइल लॉक? ग्राहकों ने लगाए गंभीर आरोप… - July 30, 2026




