रायगढ़: अप्रैल से जून तक सहायक शिक्षक व शिक्षक से पदोन्नत होकर हेडमास्टर बने जिले के 192 शिक्षकों की नई प्रदस्थापना की गई थी। यह संभाग स्तर पर किया गया। कुछ शिक्षकों ने जुगाड़ लगा पदस्थापना आदेश संशोधित कराया और आसपास के स्कूलों में हेडमास्टर बन गए। बिलासपुर संभाग के आठ जिलों में इस मनमानी की शिकायत स्कूल शिक्षा मंत्री तक पहुंची तो संशोधित आदेश निरस्त किया गया और कई अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हुई। इस कार्रवाई के बाद आदेश संशोधन कराने वाले 50 शिक्षकों का नया आदेश निरस्त कर दिया गया।

प्राथमिक स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक को प्राथमिक स्कूल में हेडमास्टर बनाया जाना था। ऐसा ही मिडिल स्कूल में पदस्थ शिक्षकों की मिडिल स्कूल के हेडमास्टर के बतौर पदोन्नति होनी थी। वरिष्ठता क्रम के आधार पर रिक्त पदों को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने पदोन्नति के लिए 192 लोगों की सूची भेजी थी। बिलासपुर ज्वाइंट डायरेक्टर कार्यालय से काउंसलिंग के साथ पदोन्नति और पोस्टिंग हुई। जुगाड़ लगाकर संशोधन कराया अप्रैल से मई के बीच काउंसलिंग, प्रमोशन और पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। प्रमोट हुए उन हेडमास्टरों ने, जिनका कोई जुगाड़ नहीं था, तुरंत ज्वाइनिंग दे दी। वहीं बिलासपुर दफ्तर में पदस्थ अफसर कर्मचारियों की रायगढ़ में पदस्थापना के बने संबंधों के कारण 50 से अधिक शिक्षकों ने मनचाही पोस्टिंग के लिए जुगाड़ लगाना शुरू किया। नियम के मुताबिक काउसलिंग के बाद 10 दिनों का समय था । 50 शिक्षकों ने आवेदन किया और दूर जाने के बजाय आसपास के स्कूलों में पोस्टिंग ले ली।

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