छत्तीसगढ़ में नया शिक्षण सत्र चालू हुए डेढ़ माह हो गया है लेकिन कई स्कूल ऐसे है जहां एक ही शिक्षक है। इन स्कूलों में अभी तक जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के द्वारा शिक्षकों की पदस्थापना नहीं कि जा सकी है। जैसे तैसे शिक्षकों की व्यवस्था कर संचालन किया जा रहा है। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई भगवान भरोसे है। इतना ही नहीं जिले में कई ऐसे भी स्कूल है जहां पर 30 बच्चे है , वहां पर जरूरत से ज्यादा 4 शिक्षक पदस्थ कर दिए गए हैं।

सक्ती जिले के मालखरौदा विकास खण्ड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल मिरौनी का जायजा लिया जहां पर केवल एक ही शिक्षक रामेश्वर प्रसाद कश्यप पदस्थ है और वहां की दर्ज संख्या 60 है। शिक्षक ने बताया कि एक शिक्षक से पांच कक्षा तक पढ़ाने में परेशानी होती है , मगर फिर भी सभी कक्षाओं में होमवर्क देकर अलग अलग समय में पढ़ाई करवाते हैं।
वहीं शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। अगर शिक्षक कोई काम से स्कूल नहीं आते तो वहाँ बच्चों के भरोसे ही ही स्कूल खुले रहती है और बच्चे मध्यान्ह भोजन और मस्ती करने के बाद घर चल देते हैं।
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