सारंगढ़: झोलाछाप डॉक्टरों के चंगुल मे फंसकर तन और धन गंवा रहे ग्रामीण… उधारी के मकड़जाल मे फंसकर हो रहे बर्बाद…. जिम्मेदार अधिकारियों को परवाह नही ! आखिर किसके संरक्षण मे फल-फुल रहे झोलाछाप डॉक्टर….

Screenshot_2023-07-15-08-54-40-468_com.picsart.studio-edit.jpg
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.26 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34

सारंगढ़: बढ़ते बीमारी के दायरे के बीच मल्दा, फर्सवानी, सिंगारपुर, जोगिड़ीपा,बघनपुर, गोड़ा, कपरतूंगा, बरभाठा, चिखली, अमलीपाली, तेंदुआ सहित समस्त सारंगढ़ अंचल के गांव में मरीजों के इलाज की व्यवस्था झोलाछाप डाक्टरों के हवाले है। प्रत्येक गांव गांव में झोलाछाप डाक्टरों की भरमार है। खुद को डिग्रीधारी डॉक्टर से ज्ञानो समझ घर घर जाकर झोलाछाप डाक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। मरीज चाहे उल्टी, दस्त, खांसी, जुखाम, बुखार से पीड़ित हो या फिर अन्य कोई बीमारी से ग्रस्त हो। झोलाछाप डाक्टर मरीजों के इलाज के नाम पर उनकी जान से खिलबाड़ कर रहे हैं। सभी मरीजों का इलाज बिना जांच के करने वाले तथाकथित ये बुद्धिजीवी अपने घर मे ही अघोषित मेडिकल स्टोर की भांती सर्दी, जुकाम, बुखार की दवा महंगे दामों पर खुलेआम बेचते है। बिना लाइसेंस के दवाओं का भंडारण से लेकर इलाज तक झोलाछाप डाक्टर करते हैं।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.30
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (3)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (1)

स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम सच्चाई –

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.25
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.25 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (3)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.30 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.26
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34 (2)

झोलाछाप डॉक्टर भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम सच्चाई हैं। इन्‍हें कहीं ‘ग्रामीण चिकित्सक’ का नाम मिला है तो कहीं ‘बंगाली डॉक्टर’ और ‘झोलाछाप डॉक्टर’ कहकर पुकारा जाता है। ये वो लोग हैं जिन्होंने मेडिकल की डिग्री तो नहीं ली, लेकिन कई साल से गांव, कस्बों में मेडिकल प्रैक्टिस करते आ रहे हैं। देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की इन तीन बड़ी कमियों – लचर ग्रामीण स्वास्थ्य सुव‍िधाएं, डॉक्टरों की कमी और महंगे निजी इलाज का फायदा सीधे तौर पर झोलाछाप डॉक्‍टरों को मिलता है।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.38
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.38 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.37
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.38 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.37 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.37 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.40 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.39
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.39 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.40 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.39 (1)

बरसात मौसम मे जमकर लुटाते हैँ ग्रामीण

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.40
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.45
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.43
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.44
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.42
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.44 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.42 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.44 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.46 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.42 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.41
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.43 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.41 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.43 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.45 (1)

ये झोलाछाप डॉक्टरों की पकड़ अपने गाँव के साथ आस पास मे भी रहती है, कुछ छुटभइये नेताओं की सरपस्ती और स्वास्थ्य अधिकारियों को भेंट चढ़ाकर इनको ग्रामीणों के जान से खिलवाड़ करने की खुल्लमखुल्ला लाइसेंस मिल जाती है! बिना लाइसेंस के दवाओं का भंडारण से लेकर इलाज तक झोलाछाप डाक्टर करते हैं। इलाज के नाम पर झोला छाप ग्रामीणों को लूट रहे हैं। दुकानों के भीतर कार्टून में दवाओं का अवैध तरीके से भंडारण रहता है। अभी वर्तमान मे मौसमी बीमारियों का कहर है। झोलाछाप डाक्टरों की दुकानें मरीजों से भरी पड़ी हैं। मौसम बदलने से उल्टी, दस्त, बुखार, खासी जुखाम जैसी बीमारियां ज्यादा पनप रही हैं। झोलाछाप डाक्टर बीमारियों का फायदा उठाकर मरीजों को जमकर लूट रहे है। मरीज की हालत अधिक खराब होने पर उन्हे बड़े अस्पतालों या अन्य किसी स्थानीय अस्पताल को रेफर कर देते हैं, तब तक बहुत देर जो जाती है।

ग्रामीणों को ऐसे उधारी के जाल मे फंसाते है

ग्रामीण इलाके मे कोई भी कुछ दिन के लिए किसी हॉस्पिटल मे कुछ दिन रहकर गाँव मे आकर खुद को डॉक्टर साबित करा लेता है। और ग्रामीणों क्व मन मे यह बात डालने मे कामयाब हो जाता है कि मै तो आपके गाँव का हु अभी पैसा नही है तो बाद मे दे देना। बेचारे दुख के मारे ग्रामीण उनकी चिकनी चुपड़ी बात मे आकर इलाज करा लेते हैँ। लेकिन जब पैसे देने कि बारी आती है तो लागत मूल्य से 10 से 20 गुणा अधिक रकम के साथ साल भर का ब्याज भी जोड़ लेते हैँ। और ग्रामीण इसी को सच्चाई मानकर उनके कर्ज के तले दबने और बंधुआ मजदूर बनने मजबूर हो जाते हैँ। और अगर कोई मरीज किसी डिग्रीधारी डॉक्टर के पास जाता है तो धमकी पूर्वक उनसे तकादा करते हैँ, जिससे मजबूरी वश, गरीब,आदिवासी इन यमराजों से इलाज कराने विवश हो जाते हैँ।

किसी को नही देते बिल –

जनसेवक का तमगा ओढ़कर गरीबों को लूटने वाले ये तथाकथित चिकित्सक इतने चलाक हैँ कि ये इलाज कर रहे मरीज़ों को बिल भी नहीबताते , दो अचानक कुछ महीनो बाद या साल भर बाद 1 का 10 गुना राशि बताकर जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालते हैँ। मजबूरिवश जिस बिमारी का इलाज़ कुछ सौ मे संभव होता है उसे उधारी समझकर हज़ारों मे चुकाने विवश होते हैँ।
और जब कोई बिल मांगने की जुर्रत करता है तो उसे साल भर बाद दे रहे या उपर से बिल भी मांगते हो कहकर झिड़क देते हैँ, और भोले भाले ग्रामीण चुप्पी साधने विवश हो जाते हैँ।

बिना जांच के ही कर देते हैँ इलाज –

इन झोलाछाप डॉक्टरों की सबसे बड़ी खाशियत होती है कि चाहे टायफाइड, मलेरिया हो या अन्य गंभीर बिमारी बिना जांच के ही मरीजों को बता भी देते हैँ और बकायदा इंजेक्शन भी देते हैँ और खुद के पास रखी दवाई भी! ऐसे मे गरीब ,आदिवासी और दलित ग्रामीणों की जिंदगी किस करवट बदलेगी ये तो भगवान ही बता सकते हैँ।

जिम्मेदार अधिकारियों को ध्यान नही –

झोलाछाप डॉक्टर जिन्हें अयोग्य चिकित्सा चिकित्सकों के रूप में भी जाना जाता है, समाज में एक खतरा बन गए हैं जो आम जनता को नुकसान पहुंचा रहे हैं और राज्य के साथ सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को भी बाधित कर रहे हैं। फिर भी सक्षम और जिम्मेदार पद मे आसीन चिकित्सा अधिकारी सब जानते हुए हो मानो आँख मुंदकर जनता की जान से खिलवाड़ करने का खुला छुट प्रदान कर रहे हैँ।
कुम्भकरण की नींद मे सोये ऐसे अधिकारियों की नींद कब खुलती है? कब इन डॉक्टर नुमा यमराजों पर कार्यवाही होती है देखना लाज़मी होगा। लेकिन जिला बनने के पश्चात, संवेदनशील कलेक्टर की मौजूदगी मे अब भोले-भाले,गरीबो का न्याय जरूर होगा ऐसी अपेक्षा जरूर की जा सकती है ।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.46
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50

Recent Posts