रायगढ़: 16 जंगली हाथियों के दल ने जम कर मचाई तबाही, 04 मकान तोड़े, रात भर मचाया उत्पात… कटहल की गंध एक गाँव बस्ती तक पहुंच रहे हैं हाथी…..
रायगढ़: धरमजयगढ़ के बाद अब रायगढ़ डिविजन में हाथियों का उत्पात शुरू हो गया है। बुधवार और गुरुवार रात को तमनार रेंज के पड़कीपहरी में 16 हाथियों के दल ने मकानों में तोड़फोड़ की और कई फलदार पौधे उखाड़ दिए। वन विभाग की टीम शुक्रवार सुबह से शाम तक मुनादी कराकर लोगों को सावधान करती रही। डीएफओ स्टायलो मंडावी ने बताया है कि हाथियों ने चार मकान तोड़े हैं किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। तमनार रेंज ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से लगा हुआ है माना जा रहा है कि हाथी ओडिशा से आए होंगे।
वन विभाग के मिली जानकारी के मुताबिक तमनार रेंज के झिंगोल के कक्ष में फिलहाल 16 जंगली हाथियों का दल जमा हुआ है। चैतराम, संपत्ति, गणेशराम के मकान में मकानों में ज्यादा तोड़फोड़ हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों कटहल के पेड़ों पर फल लगे हैं। कुछ पेड़ों में फल के पकने से इसकी खुशबू दूर तक जाती है और इससे जंगली हाथी बस्ती के आसपास आते हैं। पिछले दिनों बंगुरसिया में भी हाथियों ने उत्पात मचाया था।
रायगढ़ वन मंडल में घूम रहे हैं 26 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल के मुकाबले रायगढ़ वन मंडल में हाथियों की संख्या कम है। धरमजयगढ़ में 20 झुंड में 91 हाथी हैं। रायगढ़ डीएफओ के मुताबिक रायगढ़ डिविजन में 4 नर, 16 मादा, 6 शावकों समेत 26 हाथी हैं। इनमें 16 हाथी तमनार रेंज के आसपास घूम रहे हैं। ओडिशा से जिले में घुसकर हाथी धरमजयगढ़ तक जाते हैं।
हाथियों की ट्रैकिंग करने वाले कर्मचारियों के मुताबिक हाथियों का यह दल कसडोल से तराईमाल, पूंजीपथरा, सामारूमा की तरफ बढ़ सकते हैं। रायगढ़ डिविजन में विचर रहे हाथियों में मादाओं की संख्या ज्यादा है इसलिए दल में उग्रता कम है। वनकर्मी गांवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं ताकि लोग शाम या रात के वक्त जंगल की तरफ न जाएं।
- बचे हुए चावल से बना लें प्रोबायोटिक्स से भरपूर कांजी राइस, गर्मियों के लिए है परफेक्ट रेसिपी, नोट करें विधि… - March 6, 2026
- विष्णुप्रिया तुलसी के सूखने पर इसे कहीं भी फेंक देते हैं? नुकसान से बचना है तो जान लें नियम और विसर्जन की विधि… - March 6, 2026
- धुरंधर: द रिवेंज का ट्रेलर आज होगा रिलीज, जानें फिल्म की खास बातें… - March 6, 2026
