क्या होता है शिरोधारा पद्धितीशिरोधारा, दो शब्दों से मिलकर बना है शिरो, अर्थात सिर और धारा अर्थात प्रवाह या धार । शिरोधारा , पंचकर्म की शुद्धीकरण चिकित्सा में सबसे ज्यादा असरदार और तरोताजा करने वाली पद्धति में से एक हैं यह बेहद आराम पहुंचाने वाली पद्धति है। जो शारीरिक और मानसिक तनाव व थकान बहुत जल्द दूर करती हैं, लकवा ग्रस्त मरीज के सिर के नस में खून का जमाव होने से मरीज मानसिक एवं शारीरिक रूप से अस्वस्थ हो जाता है जिसके कारण हाथ पांव में रक्त संचार रुकने लगता है जिसका शिरोधारा पद्धति से उस शिर के दबे हुए नस में एक निश्चित गति से तेल की धारा को नस में प्रवाहित किया जाता है जिससे उस नस में जमे हुए खून के थक्के पिघलने लगते हैं नस में पहले जैसा रक्त संचार शुरू होने लगता है जिसके कारण मरीज इस पद्धति से पूर्ण स्वस्थ हो जाता है और पहले जैसा तरोताजा महसूस करने लगता है पहले जैसा सोचने लगता है पहले जैसा कार्य कर सकता है इस पद्धति से मानसिक तनाव से मरीज बहुत दूर हो जाता है और शारीरिक दुर्बलता भी पूर्ण रूप से खत्म हो जाती है।

- प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में बड़ी सौगात: NHM कर्मचारियों को 33 दिन के वेतन का ऐलान… - June 14, 2026
- श्रीमती उषा प्रियदर्शी वैष्णव बनीं राज्य महिला आयोग की नई अध्यक्षा..नारी सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को मिलेगा बल… - June 14, 2026
- डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व मे सारंगढ़ जिला अस्पताल की बदली तस्वीर…आधुनिक सुविधाओं से अब मरीजों को मिल रहा नया जीवन..करोड़ों की सरकारी संपत्ति को खुर्द-बुर्द होने से बचाया..सारंगढ़ मे ब्रेन हैमरेज, लकवा और दिल की बीमारियों का इलाज संभव.. - June 14, 2026

