रायगढ़, । खरीफ सीजन के ऐन पहले सहकारी समितियों में हड़ताल प्रारंभ हो गई है। प्रबंधकों और अन्य कर्मचारियों ने सारे काम बंद कर दिए हैं। स्वाद भंडारण और जितरण प्रभावित हो सकता है। प्रदेश में हड़तालों का दौर चल रहा है। संविदा कर्मचारी, पटवारी के बाद अब समिति प्रबंधक भी आंदोलन पर उतर गए हैं। तीन सुत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर प्रबंधकों ने काम बंद कर दिया है। अभी समितियों में खरीफ के खाद का भंडारण और वितरण चल रहा है। समिति प्रबंधकों की मांग है कि सभी कर्मचारियों को नियमितिकरण का
लाभ मिले। सरकारी , समितियों में सीधी भर्ती पर रोक लगाते हुए कर्मचारियों का समायोजन किया जाए। एक जून से समितियों में
तालेबंदी कर दी गई है। समितियों में लेतन निकासी का कोई सिस्टम नहीं होने के कारण भी गड़बड़ी होती है। खरीफ सीजन के लिए राद लबीज वितरण प्रभवित हो रहा है। हालांकि समितियों की की मांगें मानने की कोई गुंजाइश नहीं दिख रही है क्योंकि इतने कर्मचारियों को नियमित करने के लिए लंबी प्रक्रिया है। समितियों में नियुक्त प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल उठते हैं। जीते दिनों तारापुर प्रबंधक युगल पटेल के विरुद्ध भी गंभीर शिकायत की गई थी जिसकी जांच जारी है।

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