जलजीवन मिशन योजना का काम बेहद धीमा: बिना टंकी के दिया गया कनेक्शन, कहीं पानी की सप्लाई अब तक नही…..
केंद्र सरकार की जलजीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में घर घर में पानी सप्लाई के लिए कनेक्शन देना है। धरमजयगढ़ इलाके में दो साल से योजना के तहत काम चल रहा है, लेकिन ब्लाक के 90 फीसदी इलाकों में पानी की सप्लाई सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पाई है। गर्मी बढ़ रही है। मई और जून में यहां जलस्तर गिरने से बोर सूखते हैं। आसपास में कोयला खदान होने से भी कुएं और बोर में पानी का स्तर घट जाता है। लोगों को पेयजल के साथ आम निस्तारी में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।
जल जीवन मिशन की स्थिति और ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता का जायजा लेने भास्कर की टीम ने कुछ गांवों में जाकर लोगों से बात की। उन्होंने बताया कि कहीं टंकी बनाकर छोड़ दी गई है। कहीं पाइपलाइन बिछाकर घरों में कनेक्शन दे दिया गया है, लेकिन पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। जनपद अध्यक्ष पुनीत राठिया ने बताया कि बेहरामार मे पानी की सप्लाई चालू की गई थी।
पाइप लाइन से जगह जगह लीकेज के कारण घर घर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। पानी के लीकेज से सड़कें खराब हो रही हैं। ब्लाक के 190 गावों मे योजना के तहत घर घर पानी की सप्लाई 2023 24 तक करनी है, लेकिन अभी 85 90 गांव में काम चल रहा है, हालांकि पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है।
जलस्तर गिरा, बोर से मिलता है कम पानी
धरमजयगढ़ ब्लाक के चंद्रशेखरपुर एडूू के नरेश अग्रवाल ने बताया कि पानी की टंकी बने डेढ़ साल बीत गए। सप्लाई के लिए पाइपलाइन बिछाई नहीं गई है। यह कोयला खदान इलाका है। वाटर लेवल नीचे चला जाता है। इससे बोर से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। कटाईपाली (सी) के नारायण महंत ने बताया कि गांव में टंकी बनाई गई है, घरों में नल कनेक्शन सालभर पहले दे दिए गए हैं, लेकिन पानी सप्लाई नहीं होती। सरपंच से शिकायत करने पर वे अफसरों से बात करने की कहते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। खेदापाली गांव में सेवक पटेल ने बताया कि गांव में घर घर नल कनेक्शन लगे हैं, लेकिन टंकी ही नहीं बनाई गई है।
साल के आखिर तक पूरा होगा काम
पीएचई में धरमजयगढ़ के एसडीओ कोरी ने बताया कि 2023 24 तक धरमजयगढ़ ब्लाक के सभी 190 गांव तक पानी सप्लाई की योजना है। अभी ब्लाक के 85 90 गांव में काम प्रगति पर है। इसे समय पर पूरा कर लेंगे। इस गर्मी में काम पूरा करना संभव नहीं है।
