गोठान के नाम पर सिर्फ बर्बादी: शराबियों के अड्डा बनता जा रहा गोठान, बाउंड्री वाल ही नही….
सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गोठानों को उद्योग के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन क्षेत्र के गोठानों की स्थिति खराब है। सरकार ने इसके विकास के लिए पैसे तो पर्याप्त दिए, लेकिन जनपद के जिन अधिकारियों पर इन कार्यों की मानिटरिंग की जिम्मेदारी थी, उन्होंने वह नहीं निभाई। सरपंच, सचिवों ने भी इसे केवल औपचारिक माना और निर्माण कार्यों के नाम पर पैसे निकाले और काम कराया नहीं है।
जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत नवागांव के गोठान में गेट तो बना दिया गया है, लेकिन बाउंड्रीवाल ही नहीं बनाई गई है। इसके चलते यह गोठान चारों ओर से खुला है। इसे देखकर जिम्मेदारों को इस महत्वपूर्ण योजना के प्रति कितने गंभीर है, इसका सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं।
गांव के मवेशियों के लिए लाखों खर्च कर बनाए गए इस गोठान में मवेशी तो नहीं, लेकिन शराबी और असामाजिक तत्व जरूर पहुंच जाते हैं। इस गोठान में शराब की बोतलें यहां वहां बिखरी हैं।
ग्रामीणों ने कहा कर चुके हैं शिकायत
नवागांव का गोठान मवेशियों के काम आए या ना आए, लेकिन आसपास के शराबियों और असामाजिक तत्वों के खूब काम आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शाम होते ही गोठान में शराबियों का जमावड़ा रहता है। इसकी जानकारी सरपंच को भी है, लेकिन सरपंच को गांव में क्या हो रहा, किसी चीज में ध्यान नही है।
