रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कई बदलाव देखने को मिलेंगे। शिक्षा को अधिक समग्र, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार कई नई पहलें लागू करने जा रही हैं।

इन बदलावों में जहां एक ओर पहली कक्षा से योग और वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल स्किल जैसे आधुनिक विषयों की भी शुरुआत की तैयारी है।
पहली कक्षा से ही योग की शिक्षा अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही योग की शिक्षा अनिवार्य होगी। इसके साथ ही वैदिक गणित को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा, जिससे बच्चों की गणनात्मक क्षमता और तार्किक सोच को प्रारंभिक स्तर से ही मजबूत किया जा सके।
इसके अलावा सभी स्कूलों में अंतिम पीरियड खेल के लिए निर्धारित किया जाएगा, ताकि बच्चों का शारीरिक विकास भी सुनिश्चित हो सके।
डिजिटल होंगे शैक्षणिक दस्तावेज
विद्यार्थियों को मिलने वाले शैक्षणिक दस्तावेजों की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम लागू किया जाएगा। अब मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। इन दस्तावेजों पर क्यूआर कोड और यूनिक आईडी अंकित होगी, जिससे उनकी डिजिटल सत्यता की जांच आसानी से की जा सकेगी।
तीसरी कक्षा से एआई और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग
शिक्षा में आधुनिक तकनीक को शामिल करते हुए अब तीसरी कक्षा से ही बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) पढ़ाने की तैयारी है। हालांकि पहले इसे छठवीं कक्षा से लागू करने पर विचार किया गया था, लेकिन विशेषज्ञों की सिफारिश के बाद इसे प्रारंभिक स्तर से ही शुरू करने की योजना बनी है।
यह व्यवस्था शुरुआती चरण में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में लागू की जाएगी। एआइ से संबंधित पाठ्यक्रम व बुनियादी किताबें चार से छह महीनों में तैयार की जाएंगी।
शिक्षकों को 50 घंटे की अनिवार्य ट्रेनिंग
राज्य में शिक्षकों को भी नई तकनीकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए एससीईआरटी द्वारा सभी शिक्षकों को एआई, डिजिटल स्किल और साइबर सुरक्षा से जुड़ी 50 घंटे की अनिवार्य ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी।
स्कूलों में अनिवार्य होगा मंत्रोच्चार
नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए मंत्रोच्चार को भी अनिवार्य किया गया है। 16 जून से शुरू होने वाले नए सत्र से सभी स्कूलों में सुबह प्रार्थना सभा राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत से शुरू होगी। इसके बाद दीप वंदना, सरस्वती वंदना और गुरु मंत्र का पाठ किया जाएगा।
छुट्टी से पहले शांति पाठ कराया जाएगा
दोपहर में भोजन से पहले भोजन मंत्र और छुट्टी से पहले शांति पाठ कराया जाएगा। इन सभी मंत्रों को स्कूलों की दीवारों पर लिखवाने और लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रसारित करने की भी योजना है।
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