रायगढ़। शिक्षक को धरती का भगवान समझा जाता है, और जब वाह शिक्षक महिला हो तो साक्षात् देवी की भाँती पूजनीय समझा जाता है। लेकिन एक कलयुगी शिक्षिका की करतूत से पुरी शिक्षा जगत के साथ महिला संवेदना पर कलंग लगी है, मामला रायगढ़ जिले के खरसिया से छन कर आ रही है।
जहाँ एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है, जहां 5 साल की मासूम बच्ची के साथ कई महीनों से मारपीट कर उसे घंटों तक अकेले बाथरूम में बंद कर दिया जाता था। ऐसी हैवानियत करने वाली एक शासकीय शिक्षिका है। घटना की जानकारी मिलने के बाद महिला बाल विकास अधिकारी और खरसिया पुलिस की टीम ने रेस्क्यू कर बच्ची को बाथरूम से बाहर निकाला है और उसे अपने संरक्षण में लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार खरसिया के सिंचाई कॉलोनी में रहने वाली एक शासकीय शिक्षिका द्वारा मासूम गरीब बच्ची को बुरी तरह प्रताड़ित किया जा रहा था और उसे खाने को न देते हुए बाथरूम में कई-कई दिनों तक बंद कर दिया जाता था। इसकी सूचना कॉलोनीवासियों द्वारा पत्रकार जगदीश मित्तल को दी गई, उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल महिला बाल विकास अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एवं चौकी प्रभारी को सूचना दी। अधिकारियों द्वारा कार्यवाही करते हुए शिक्षिका आशा अग्रवाल के घर में दबिश दी गई, जहां मासूम बच्ची बाथरूम में बंद मिली, जिसकी बाहर से कुंडी लगी हुई थी। बाथरूम से जब बच्ची निकाली गई, तो उपस्थित पुलिस अधिकारियों, महिला बाल विकास अधिकारी और पत्रकारों के भी आंखों से आंसू आ गए।

उन्होंने अपने जीवन में ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा था । महिला बाल विकास अधिकारी ने बताया कि बच्ची डरी हुई है और भूखी भी है। हो सकता है इसके साथ मारपीट भी की गई है। वहीं महिला बाल विकास के उच्च अधिकारी भी इस पूरे मामले जांच करेंगे। जब टीम ने छापामार कार्रवाई की तो ये महिला बच्ची को बाथरूम में बंद कर मंदिर को गई हुई थी। उसका पति ट्रांसपोर्टर है। आस पड़ोस के लोगों ने बताया कि पिछले कई हफ्तों से ये ऐसी हरकत करती है।
पुलिस ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि जब भी महिला घर से बाहर जाती, तो बच्ची को बाथरूम में बंद कर देती थी। पुलिस के अनुसार महिला और बच्ची से लिए गये बयान में महिला का बयान पच नहीं रहा है। बताया जा रहा है कि घर पर एक नौकर भी है, जो बच्ची को संभालता फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। वहीं खरसिया चौकी प्रभारी अमिताभ खांडेकर ने बातचीत में कहा कि बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। महिला बाल विकास के उच्च अधिकारी भी इस पूरे मामले की जांच करेगी।
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