रायगढ़। छत्तीसगढ़ में ईडी के छापों के बाद जारी प्रेस नोट के उपरांत प्रेस को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ईडी की जांच ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बड़े भ्रष्टाचार के रैकेट की पोल खोल दी है। प्रदेश में कोल माफियाओं के साथ अफसरों व नेताओं की मिलीभगत मिलने के बाद उन्होंने प्रदेश सरकार से इस्तीफा मांगा है। ओपी ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकारी योजनाओं को देने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में सरकारी संरक्षण में भ्रष्टाचार ने सारी सीमाएं लांघ दी है। ओपी चौधरी ने घटना को प्रदेश के लिए एक काला अध्याय बताया। सोची समझी साजिश के तहत कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार के लिए पूरा रैकेट बनाया गया है। जिसमें वरिष्ठ नौकरशाह व्यापारी राजनेता और बिचौलिए जुड़े हुए थे। राज्य में परिवहन किए गए प्रत्येक टन कोयले से 25 रुपए प्रति टन की अवैध वसूली किए जाने की पुष्टि हुई हैं। इस कार्य से प्रतिदिन दो से तीन करोड़ रुपए जबरन बसूले जा रहे हैं। भाजपा नेता ओपी चौधरी ने कहा कि भ्रष्टाचार करने के लिए बकायदा नियम बदले गए, कोयले को खदानों से उपयोगकर्ताओं तक मैनुअल जारी करने के लिए ईपरमिट कौ पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया को संशोधित किया गया। प्रेस वार्ता के माध्यम से ओपी चौधरी ने कांग्रेस सरकार को सवालों के कटघरे में खड़े करते हुए पूछ कि मुख्यमंत्री जी अपना इस्तीफा कब देंगे? भ्रस्टाचार उप लिए जनता से माफी क्यों नहीं मांग रहे।

ईडी की गिरफ्त के बाद भी निलंबन क्यों नहीं –

ईडी ने आईएएस अफसर समीन विश्नोई समेत कुल 3 लोगो को कोर्ट मे पेशकर 8 दिनो की रिमाड पर लिया है लेकिन अब तक सिविल सेवा आचरण सहिता के तहत दोषी अफसर को निलबित नहीं किया गया है। ओपी ने सरकार से पूछा है कि ईडी की कार्यवाही के बाद जिन अधिकारियो के घर से नगदी आभूषण और अनेक बरेहिसाब चीजे मिली है। अब तक उन पर निलबन की कार्यवाही क्यो नहीं हुई है? ईडी की जाच की जद मे आए सरकारी लोक सेवक व सरकार द्वारा मनोनीत लोगो को अभी तक तत्काल प्रभाव से क्यो नहीं हटाया गया।
आक्रामक नजर आए ओपी चौधरी –
कोल परिवहन मे गब्बर सिह टैक्स वसूले जाने को लेकर ओपी चौधरी ने भूपेश सरकार की घेराबदी भी की थी और कोल माफियाओ पर भी सवाल उठाए थे। सरकार ने ओपी चौधरी के खिलाफ एफआईआर भी की थी। 18 माह बाद ईडी ने अपने छापे के बाद ओपी चौधरी द्वारा वसूले जा रहे गब्बर सिह टैक्स मे सरकार की भूमिका को प्रमाणित किया। सरकार के खिलाफ अओपी भ्रष्टचार के मुद्दे को लेकर काफी आक्रमक नजर आए। इस्तीफा कब देंगे? भ्रणश्चार के जनता से माफी क्यों नहीं मांग रहे।
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