रायगढ़। सूचना के अधिकार के तहत राज्य सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल ने चार अलग अलग प्रकरणों में डीएफओ स्टाइलो मंडावी पर कुल 1 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने कहा कि आवेदक ने जो सूचना चाही थी वह सूचना शासकीय धन के व्यय से संबंधित थी जो कि सूचना का अधिकार अधिनियम के मूल उद्देश्य पारदर्शिता एवं जवाबदेही के अनुकूल थी।

दरअसल जगदलपुर के शरद सिंह ने वन मंडल अधिकारी जगदलपुर के यहां पर 4 आवेदन लगाकर सूचना चाही थी कि 2018 से 2020 के मध्य रजा सेल्स जगदलपुर को रु ढाई करोड़ का भुगतान सामग्री क्रय करने के लिए किया गया है, उससे संबंधित फाइल का अवलोकन कराया जावे। वहीं दूसरे आवेदन में चाहा था कि इन सामग्री को किन कार्यों में उपयोग किया गया है कि जानकारी मांगी गई थी। इसी तरह ओर दो आवेदन लगाए गए थे। इसी तरह एक आवेदन में वन मंडल सामान्य जगदलपुर में पहले पदस्थ अफसर मोहम्मद शाहिद के कार्यकाल की चेक ड्रान रजिस्टर की छाया प्रति चाही गई थी। सूचना ना मिलने पर प्रथम अपील दायर की गई जिसके पश्चात भी आवेदक को सूचना ना मिलने के कारण द्वितीय अपील दायर की गई। सूचना आयोग ने कहा कि आवेदक ने जो सूचना चाही थी वह सूचना शासकीय धन के व्यय से संबंधित थी जो कि सूचना का अधिकार अधिनियम के मूल उद्देश्य पारदर्शिता एवं जवाबदेही के अनुकूल थी। आयोग ने जन सूचना अधिकारी के द्वारा आवेदनों के निराकरण को विधि सम्मत नहीं पाया और तत्कालीन जन सूचना अधिकारी वनमंडल अधिकारी जगदलपुर वर्तमान पदस्थापना वनमंडल अधिकारी रायगढ़ सुश्री स्टाइलों मंडावी पर प्रत्येक प्रकरण में 25000 की पेनल्टी अधिरोपित की है।

