रायपुर: अखिल भारतीय वैष्णव (च.सं.) संयुक्त महासम्मेलन 2027 की तैयारियाँ अपने चरम पर पहुँच गई हैं। चित्रकूट, दिल्ली और जयपुर में तीन सफल बैठकों के ऐतिहासिक आयोजन के बाद अब इस शृंखला की चतुर्थ एवं सबसे निर्णायक बैठक 31 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को पावन नगरी वृंदावन के गौरानगर स्थित ‘श्री मलूक पीठ गौशाला’ में आयोजित होने जा रही है। इस राष्ट्रीय स्तर की बैठक में सहभागिता दर्ज कराने के लिए छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय वैष्णव विकास परिषद के राष्ट्रीय महासचिव श्री लखन दास वैष्णव (रायपुर), प्रदेश अध्यक्ष श्री पूरन दास वैष्णव, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री जगन्नाथ बैरागी,गजानंद वैष्णव दुर्ग अध्यक्ष,वृंदावन धाम के लिए रवाना हो चुके हैं।
यह महत्वपूर्ण बैठक परमपूज्य जगद्गुरु श्री रामानन्दाचार्य पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं परमपूज्य विद्वान युवाचार्य श्री रामचन्द्रदास जी महाराज के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न होगी।
चित्रकूट के श्री रामानन्दाचार्य पीठ से शुरू हुआ बैठकों का यह सफर राजघाट नई दिल्ली और फिर जयपुर होते हुए अब वृंदावन पहुँच चुका है, जहाँ 2027 के विशाल महासम्मेलन की कार्ययोजना और सामाजिक-धार्मिक रणनीतियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। चारों संप्रदायों की एकजुटता और सनातन संस्कृति के संवर्धन को समर्पित इस निर्णायक बैठक को लेकर छत्तीसगढ़ सहित देशभर के वैष्णव समाज, संतों और प्रतिनिधियों में भारी उत्साह है और सभी का वृंदावन पहुँचना लगातार जारी है।





