रायगढ़: जिले मे सूचना का अधिकार बना मजाक! सचिव द्वारा सूचना के अधिकार नियमों की खुलकर उड़ाई जा रही है धज्जियां?

IMG-20220819-WA0048.jpg
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.26 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34

रायगढ़/ शासन की मानें तो हर नागरिक जिसकी उम्र 18 वर्ष पूर्ण हो उन सभी की मोलिक अधिकार समान मिलती हुई दिखाई देती है पर यहां जमीनी स्तर में कुछ अधिकारी कर्मचारी अधिनियम को अपनी घर की जागीर समझ लेते हैं ओर अपने गांव के आम जनता को स्वयं के मोलिक अधिकार को अपने हाथों में होना बताते हैं जिससे गांव के लोग अपनी ही अधिकार से अछूता रहा हे. आपको बता दे कि मामला जनपद पंचायत धरमजयगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत नकना का है जहां शासन से विकास कार्य के लिये पंचायत के समस्त स्रोत जेसे मनरेगा, मूलभूत, 14 वें, 15 वें वित्त से जो राशि पंचायत को प्रदान की जाती है उन सभी की जानकारी प्राप्त करने के लिये अपनी मोलिक अधिकार में से सूचना का अधिकार भारत के हर नागरिक को 12 अक्टूबर सन्‌ 2005 को सूचना का अधिकार अधिनियम लागू किया गया हैं जिससे प्रत्येक नागरिक जानकारियां प्राप्त करने की अधिकार रखता है।
01 अप्रैल 2019 से आज तक शासन के विभिन आय स्रोत आय व्यय की समस्त जनकारियां प्राप्त करने के लिये छः विषय वस्तु में सूचना के अधिकार आवेदक तुरिया राम राठिया
बी. डी. सी. (जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि) . के द्वारा 13 जुलाई को भारतीय डाक के माध्यम . से ग्राम पंचायत जन सूचना अधिकारी सचिव ग्राम पंचायत नकना जन सूचना अधिकारी उत्तम पटेल आवेदन के साथ शुल्क बतोर आई. पी. ओ. (भारतीय पोस्तल आडर ) के रूप में दिया था आज अधिनियम समय सीमा समाप्त होने के पश्चात्‌ भी जन सूचना अधिकारी सचिव पटेल के द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम की नियमों क प्रति लापरवाही, उदासीनता, को प्रदर्शित करते हुये अपनी कर्तव्यां के प्रति स्वयं की लाभ और आवंदक की सदोष हानि पहुंचान कि नीयत से अपने ही ग्राम पंचायत क्षत्रीय जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को चाही गई जानकारी स वंचित रखा गया है तो आम जनता को उनके अधिकार के प्रति कितनी अहमियत दी जाती हागी आप खुद समझ सकत हैं । जन सूचना अधिकारी उत्तम पटल की कार्य शैली से तो लगता है कि सूचना के अधिकार अधिनियम से जानकारी प्राप्त करन वाले आवदन को ये कचर के ढेर समझते हैं । जानकारियां देने से इंकार कररहे जनसूचना अधिकारी की जड़े कहीं न कहीं घोटालों मं पनप रही होगी तभी आवदक का अब तक जानकारी स वंचित रखा जा रहा है अब आगे देखत हैं कि अपीलीय अधिकारी से जानकारी मिल पाती है या और कहीं दूसरा दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.30
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (3)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.46
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50

Recent Posts