जानिए आपके रायगढ़ के वीरता पदक से सम्मानित नये पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी…
जगन्नाथ बैरागी
रायगढ़। राज्य शासन द्वारा आज भारतीय पुलिस सेवा और राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा आज मंत्रालय महानदी भवन से आदेश जारी किया गया है। जिसके अनुसार कोरबा पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा को रायगढ़ एसपी बनाया गया है वहीं रायगढ़ एसपी संतोष कुमार सिंह को कोरिया का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।
रायगढ़ के नये एसपी अभिषेक मीणा छत्तीसगढ़ पुलिस के तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। अभिषेक सिंह मीणा वर्तमान में कोरबा के पुलिस अधीक्षक थे। जिन्हे अब रायगढ़ जिले की जिमेदारी दी गई है। मीणा 2010 बैच के आईपीएस अफसर है। और पुलिस वीरता पदक से सम्मानित हो चुके हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले मीणा अपनी स्कूली शिक्षा ग्रामीण इलाकों में रहकर पूरी की और अपनी योग्यता के बल पर आईआईटी मुंबई तक का सफर तय किया। अभिषेक मीणा का मानना है कि कोशिश के बाद मिली हर असफलता भी एक तरह की सफलता ही होती है क्योंकि यह असफलता भी जीवन के अनेक अनुभव सिखा जाती है। उन्होंने आइआइटी के दौरान ही प्रीलिम्स लेवल की तैयारी शुरू कर दी थी। स्नातक के बाद प्रारंभिक ढाई साल यूपीएससी पर फोकस कर खूब तैयारी की, फिर जॉब करते हुए जुटे रहे। तीन प्रयास में असफल रहे, पर आत्मविश्वास कायम रखा। मेहनत करो व हार मत मानो का ध्येय वाक्य लेकर चले और सफल हुए।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा नारायणपुर व बस्तर के विभिन्न जिलों में पदस्थ रहे मीणा ने एंटी नक्सल ऑपरेशन में शानदार भूमिका निभाई। एसपी रहते हुए मीणा कई बार नक्सल मोर्चे पर जवानों के साथ खुद भी मैदान में उतरते और अपनी टीम का हौसला बढ़ाते हुए ऑपरेशन को कमांड करते। नक्सल मोर्चे पर सेवा देते हुए दायित्व के प्रति उनकी उत्कृष्ट भूमिकाओं के बूते ही उन्हें राष्ट्रीय अवार्ड के लिए चुना गया था। वे बिलासपुर, कोरबा जैसे बड़े शहरों में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं।
एसपी मीणा ने अपने विद्यार्थी जीवन की एक बात साझा करते हुए बताया कि कक्षा बारहवीं की पढ़ाई के दौरान उनके स्कूल के शिक्षक ने कहा था कि सिविल सेवा में जो सम्मान, देश-समाज के लिए कुछ कर पाने की जो शक्ति है, वह किसी अन्य में नहीं। आइपीएस बनकर जो अवसर यहां मिल रहा वह और कहीं नहीं है। तभी से मन में यह बात घर कर गई और उन्होंने सिविल सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर लिया। स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद लक्ष्य तक पहुंचने तैयारी में जुट गए। उन्होंने कहा कि हर सर्विस का अपनी अलग विशिष्टता होती है, सिविल सेवा में वह चीजें सीखने मिलती हैं। मैं सीधे तौर पर लोगों से जुड़ पाया।
