स्कूल खुलने से पहले ही स्कूल पहुंच गया भालु…छतीसगढ़ के इस स्कूल की घटना…
पाली जनपद क्षेत्र के अंतर्गत बरबसपुर में स्थित मॉडल स्कूल में भालू पहुंच गया। हालांकि जिस समय भालू स्कूल प्रांगण में दिखाई दिया, उस समय स्कूल में कोई भी नहीं था, क्योंकि स्कूल अभी खुले नहीं हैं, इसलिए स्कूल में बच्चे भी नहीं थे।
भालू पास के जंगल से भटकता हुआ यहां पहुंच गया था और स्कूल परिसर में भ्रमण कर रहा था। भालू को देखकर लोगों में काफी दहशत बनी हुई है। क्षेत्र में पिछले काफी समय से भालू सक्रिय है जिसकी वजह से लोगों में भय बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बनाया वीडियो
बरबसपुर मॉडल स्कूल परिसर में भालू के भ्रमण का वीडियो ग्रामीणों ने बनाया है। हालांकि यह वीडियो 3 से 4 दिन पुराना है। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह जब वे स्कूल के सामने से गुजर रहे थे, तब उन्होंने भालू को स्कूल परिसर में घूमते हुए देखा और उसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो इसलिए भी बनाया गया ताकि वन विभाग के लोगों को यकीन दिलाया जा सके कि ग्रामीण झूठ नहीं बोल रहे हैं। दरअसल वन विभाग के लोग ग्रामीणों की बात पर भरोसा नहीं करते और उसे महत्व नहीं देते, जिसकी वजह से इस तरह के प्रमाण ग्रामीणों को देना पड़ता है।
कर चुका है हमला
इस क्षेत्र में पिछले एक महीने से भालू सक्रिय है जिसने कई लोगों पर हमला भी किया है। भालू के हमले में एक युवक की मौत भी हो चुकी है, जबकि दो तीन लोग घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग के लोगों से शिकायत की है कि भालू को यहां से दूर किया जाए लेकिन अभी तक भालू को यहां से हटाया नहीं जा सका है। यही कारण है कि भालू कभी भी घूमता हुआ सड़क पर आ जाता है और स्कूल परिसर तक पहुंच जाता है। यह तो अच्छी बात थी कि यह समय भालू स्कूल प्रांगण में पहुंचा उस समय स्कूल बंद थे और बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे थे, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
लगा हुआ है जंगल
बरबसपुर क्षेत्र पाली रेंज के जंगल से लगा हुआ है। दूर तक फैले जंगल में तरह-तरह के वन्य प्राणी विचरण करते हैं। आसपास के जंगल में खूंखार तेंदुआ और बाघ भी हैं, लेकिन यह जानवर जंगल के अंदर रहते हैं। जंगल के बाहर रहवासी क्षेत्र में कभी-कभार कोई जानवर दिख जाता है लेकिन यह भालू पिछले लगभग 1 महीने से बार-बार दिखाई पड़ रहा है, जिससे लोग भयभीत हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि जंगल से बार-बार बाहर आने वाले भालू को दूर तक पहुंचा दिया जाए अन्यथा वह किसी और पर भी हमला कर सकता है।
वन्य प्राणी खतरे में
भालू विचरण करता हुआ रहवासी क्षेत्र में आ गया है जिससे उस पर भी जीवन का संकट उत्पन्न हो सकता है। आत्म रक्षा के लिए ग्रामीण भालू को मार सकते हैं। इस बात को वन विभाग को ध्यान में रखना चाहिए। पहले भी कई बार इस तरह की हादसे हो चुके हैं, जब ग्रामीणों ने करंट से अथवा जहर खिलाकर वन्य प्राणियों का शिकार किया है।
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