नियमितीकरण और वेतनवृद्धि की मांग को लेकर रोजगार सहायक हड़ताल पर…. पहले दिन से ही जायज मांग पर मिल रहा जनता की सहानुभूति और मजदूरों का समर्थन…. हड़ताल मे शामिल महिला कर्मचारियों ने भरे हुंकार….
जगन्नाथ बैरागी।
रायगढ़। रोजगार सहायकों ने सरकार से चुनावी जन घोषणा पत्र आत्मसात करते हुए समस्त मनरेगा कर्मियों का नियमितिकरण की मांग और नियमितिकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक ग्राम रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारण करते हुए समस्त मनरेगा का सिविल सेवा नियम 1966 के साथ साथ पंचायत कर्मी नियमावली लागू करने की मांग को लेकर पूरे छतीसगढ़ मे अनिश्चितकालीन हड़ताल का शंखनाद बीते 04 अप्रैल से कर दिए हैँ।
छतीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर रायगढ़ जिले के समस्त मनरेगा कर्मचारियों ने भी अपना काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल की हुंकार भर दी है, जिससे जिले मे मनरेगा कार्य प्रभावित हो गया है।

रोजगार सहायको से सौतेला व्यौहार क्यों – भोगीलाल सिदार

मनरेगा योजना के कार्य के संचालन में सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव तत्पर रहने वाले रोजगार सहायको के कार्यों को देखते हुए उनको प्राप्त होने वाले वेतन की तुलना करने पर आपको उनके साथ हो रहे अन्यायों की जानकारी स्वतः हो जाएगी।
मनरेगा योजना के तहत जॉब कार्ड बनाना, मनरेगा में काम करने वाले ग्रामीणों की अटेंडेंस लगाना, मनरेगा में काम करने वाले ग्रामीणों की दिहाड़ी का ब्यौरा करना अर्थात मास्टर रोल बनाना, ग्राम स्तर पर समय समय पर सर्वे करना,राशन कार्ड बनवाने में ग्राम के लोगो की मदद करना, निर्वाचन्, गोठान, कोविड ड्यूटी,इसके अतिरिक्त ग्राम विकास विभाग द्वारा कई तरह के कार्यो को करने के लिए रोजगार सेवक को सौपा जाता है। लेकिन वेतन लगभग 5000-6000 अब जरा सोचिए इस महंगाई भरे युग मे इतने वेतन मे स्वयं का खर्च के साथ अपने परिवार का पालन – पोषण कैसे करें? उपर से कार्य पर दबाव तो मानो पहाड़ का बोज भी कम पड़ जाये।

दुकान मे काम करने वालो से भी कम अनुपातिक वेतन मे भी सरकार के प्रति पूर्ण समर्पण –

अगर आप किसी प्राइवेट दुकान मे 06 साल काम करें तो आपकी ईमानदारी को देखकर सेठ या दुकानदार आपकी तनख्वाह को जिस अनुपात मे खुशी से बढ़ोत्तरी करता है आज 16 साल से शासन के प्रति समर्पण का कीमत भी सरकार ने रोजगार सहायको को वेतन नही दिया है जिससे रोजगार सहायको के अनिश्चितकालीन हड़ताल की मजबूरी को समझ सकते हैँ। इसी कारण जनता और मजदूर वर्ग का समर्थन रोजगार सहायको के साथ जान पड़ता है। अब छत्तीसगढ़ सरकार कब तक इनकी मांगो को पुरा करती है देखना दिलचस्प होगा।

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