सारंगढ़ ब्रेकिंग: कम्प्यूटर ऑपरेटरों की मनमानी से आम जनता हो रहे परेशान..! स्थानीय निवासी होने का दिखाते हैं रौब, पक्षकारों से करते हैं दुर्व्यवहार..! दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प व्हेण्डर संघ ने कलेक्टर से की लिखित में शिकायत…
जगन्नाथ बैरागी
रायगढ़। जनता का सेवक ही जब जनता को सेवक समझने का भूल करे फिर उस सेवा का भगवान ही मालिक है। स्थानीय होने के धौंस के साथ जब कोई कर्मचारी स्वयं को अधिकारी ही नही सर्वेसर्वा समझने लगे तो आक्रोश भड़कना लाज़मी है। और यही हाल सारंगढ़ में देखने को मिल रहा है जब दस्तावेज लेखक एवं स्टाम्प व्हेण्डर संघ के साथ दर्जनों पक्षकारों ने उपपंजीयक कार्यालय में पदस्त दो कम्प्यूटर आपरेटरों पर गम्भीर आरोप लगाया है।
लिखित शिकायत के अनुसार-


उप पंजीयक कार्यालय सारंगढ़ में ऑनलाइन रजिस्ट्री के समय से ही निर्मल मेहर व अजय साहू कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्य कर रहे है ।जो स्थानीय निवासी भी है ।इस कारण पक्षकारों एव दस्तावेज लेखकों व स्टाम्प व्हेण्डरो के साथ हमेशा दुर्व्यवहार करते आ रहे है साथ ही इनपुट फॉर्म में नार्मल/सूक्ष्म त्रुटि होने का वजह बताकर दस्तावेज को पंजीयन हेतु टोकन काटने के लिए इनकार करते हुए वापस कर देते है ।जिससे दूरदराज से आये पक्षकारों को निरंक वापस लौटना पड़ता है ।जिसमे अक्सर महिलाएं व उनके साक्षीगण रहते है ।जिससे पुनः दूसरे दिन आने में उन्हें असुविधा एव कठिनाई होती है ।साथ ही दस्तावेज लेखकों को पक्षकारों से उनके दस्तावेज समय पर उसी दिन पंजीयन नही होने से पक्षकारों की ओर से सुनना पड़ता है यह स्थिति इन्ही ऑपरेटरों के चलते दिन ब दिन बढ़ती जा रही है ।इससे पक्षकारों एव लेखकों में रोष व्याप्त है ।वही जो पक्षकार ऑपरेटरों के इच्छनुसार रकम देने के लिए सहमत होजाते है उनका दस्तावेज उसी समय ऑपरेटरों द्वारा अपने ही स्तर से सुधार कर पंजीयन हेतु उप पंजीयक कार्यालय की ओर अग्रेषित कर दिया जाता है ।और जो पक्षकार ऑपरेटरों के इच्छानुसार रकम देने में असमर्थ होते है उनके दस्तावेज को अपूर्ण बताकर पंजीयन के लिए वंचित कर दिया जाता है ।
इनपुट में हुये नॉमिनल प्रिंटिग मिस्टेक अथवा गलती को जांच परचा सह घोषण पत्र ऑपरेटर द्वारा प्रिंट आऊट होने के समय सुविधापूर्वक सुधार/संशोधन की जा सकती है किन्तु उक्त दोनों ऑपरेटर इनपुट फार्म को ही देखकर टोकन कटने लायक नहीं
है कहकर पक्षकारों को दस्तावेज वापस कर दी जाती है।इनपुट एवं जांच परचा सह घोषणा पत्र को मिलान करने हेतु मूल दस्तावेज उक्त दोनों ऑपरेटर के द्वारा पक्षकारों व लेखकों को मांग करने पर भी नहीं दी जाती है
बल्कि उक्त दोनों ऑपरेटर टोकन काटने के बाद मूल दस्तावेज अपने पास रखकर मात्र
इनपुट एवं जांच परचा सह घोषणा पत्र को ही दी जाती है जिससे अपेक्षित त्रुटि का सुधार
यथासमय नहीं हो पाती और इसी तरह से प्रतिदिन दो-चार दस्तावेज ऑपरेटरों के मनमानी एवं हठ धर्मिता की वजह से दस्तावेज पंजीयन से कैंसिल हो जाने की सिलसिला जारी है।
पक्षकारों को उक्त दोनों ऑपरेटर हमेशा बरगलाते हैं और स्वयं ऑफिस में बैठकर उनके कार्य के दौरान ही दस्तावेज लिखाई व निष्पादन कराने का कार्य करते हुये एक्सेस रकम भी ऑफिस में बैठकर ही वसूल कर रहे हैं, इससे लेखकों का भी कार्य प्रभावित हो रही है।
उप पंजीयक नही करते कार्रवाही-
कलेक्टर को लिखे शिकायत में दस्तावेज लेखक और स्टाम्प व्हेण्डर संघ ने कहा है कि उक्त दोनों कम्प्यूटर ऑपरेटरों की शिकायत उप-पंजीयक को शिकायत की जा चुकी है परंतु उनके द्वारा कोई कार्रवाही नही की गयी है, जिससे दोनो का मनोबल बढ़ा हुवा है। और दोनो आम नागरिकों को परेशान कर पैसे की अवैध मांग करते हैं। अतः संघ ने दोनो को तत्काल निष्काषित करने की मांग भी की है।
- प्रदेश साहू संघ की नई कार्यकारिणी घोषित, सारंगढ़ के पुरुषोत्तम साहू को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी… - March 9, 2026
- संस्कृत शिक्षा अनिवार्य कराने संस्कृत शिक्षक संघ ने उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा… - March 9, 2026
- आस्था और परंपरा का पर्व बांसोड़ा : अग्रवाल समाज ने श्रद्धा से मनाई शीतला सप्तमी… - March 9, 2026
