IND/SA TEST- दूसरे टेस्ट मैच में जोहान्सबर्ग के मैदान पर मिली टीम इंडिया को “हार”..ये थे 4 कारण जिसके खातिर हारी टीम इंडिया….
नई दिल्ली। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली जा रही 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच जोहान्सबर्ग के मैदान पर खेला गया जहां पर भारतीय टीम को 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है।
साउथ अफ्रीका की टीम ने जोहान्सबर्ग के मैदान पर हासिल की इस जीत के साथ कई बड़े ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिये। यह जोहान्सबर्ग के मैदान पर खेले गये अब तक के 6 मैचों में साउथ अफ्रीका को मिली पहली जीत रही जबकि 2018 के बाद से खेले गये आखिरी 6 मैचों में भी पहली बार भारत से साउथ अफ्रीका कोई मैच जीतने में कामयाब हुआ है। इतना ही नहीं साउथ अफ्रीका ने भारत के खिलाफ चौथी पारी में सबसे सफल रन चेज के मामले में न्यूजीलैंड को पीछे छोड़ दिया है और तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। साउथ अफ्रीका की टीम ने भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल रन चेज करने वाली तीसरी टीम बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
इस फेहरिस्त में ऑस्ट्रेलिया (339, पर्थ 1977/78), वेस्टइंडीज (276, दिल्ली 1987/88), साउथ अफ्रीका (240, जोहान्सबर्ग 2021/22), न्यूजीलैंड (213, वेलिंगटन 1998/99) और साउथ अफ्रीका (211, केपटाउन 2006/07) का नाम शामिल है। इतना ही नहीं यह साउथ अफ्रीका का अपने घर पर किसी भी टीम के खिलाफ किया गया तीसरा सबसे सफल रन चेज है। साउथ अफ्रीका की टीम को मिली इस ऐतिहासिक जीत में कप्तान एल्गर ने ऐतिहासिक पारी खेलकर अहम रोल निभाया लेकिन कुछ ऐसे भी कारण रहे जो भारतीय टीम के पक्ष में नहीं गये और प्रोटीज टीम की जीत का कारण बनी। आइये एक नजर उन कारणों पर डालें जिसकी वजह से भारत को हार का सामना करना पड़ा।
भारत को खली कप्तान कोहली की कमी-
जोहान्सबर्ग टेस्ट में भारतीय टीम को मिली हार में सबसे बड़ी वजह कप्तान कोहली की गैर मौजूदगी रही। भारतीय टीम के नियमित कप्तान विराट कोहली इस मैच से पहले पीठ की खिंचाव से जूझ रहे थे जिसकी वजह से वह आखिरी मौके पर टीम का हिस्सा नहीं बन सके और उनकी जगह केएल राहुल को कप्तानी संभालनी पड़ी। विराट कोहली भले ही पिछले दो सालों से बल्लेबाजी में थोड़ा संघर्ष करते नजर आये हों लेकिन कप्तानी के मामले में उनका कोई भी सानी नहीं है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि साल 2014 में विराट के टेस्ट प्रारूप की कमान संभालने के बाद भारत कभी भी 200 या उससे ज्यादा रनों का बचाव करते हुए कोई मैच नहीं हारा है, या तो टीम को उन मैचों में जीत हासिल हुई है या फिर वो ड्रॉ हुए हैं। इतना ही नहीं अपने पहले मैच में कप्तानी करने उतरे केएल राहुल चौथी पारी में विराट कोहली को मिस करते नजर आये, क्योंकि दबाव में उनकी कप्तानी में वो आक्रामकता नजर नहीं आयी जो विराट कोहली के रहते हुए नजर आती है। विराट कोहली की कप्तानी में न सिर्फ गेंदबाज अटैक करते हैं बल्कि फील्डर्स भी दबाव बनाते नजर आते हैं, जबकि राहुल की कप्तानी में फील्डर्स आखिरी दिन सुस्त पड़ते नजर आये।
मोहम्मद सिराज की चोट-
भारतीय टीम इस मैच में 5 गेंदबाजों के साथ उतरा जरूर लेकिन उसे सिर्फ 4 ही तेज गेंदबाजों के साथ खेलना पड़ा। दरअसल मैच के पहले ही दिन भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज चोटिल हो बैठे और बचे हुए दिनों में वो उस लय में गेंदबाजी नहीं कर सके जिसके लिये वो जाने जाते हैं। पहली पारी में अगर शार्दुल ठाकुर ने 7 विकेट हासिल नहीं किये होते तो भारतीय टीम से मैच काफी दूर जा सकता था, वहीं पर दूसरी पारी में कप्तान राहुल को मोहम्मद सिराज की कमी महसूस हो रही थी, क्योंकि उनके गेंदबाजी न कर पाने की वजह से सीरीज में पहली बार साउथ अफ्रीकी टीम लड़खड़ाई नहीं और लगातार 40 से ज्यादा रनों की साझेदारियां कर अपनी टीम को जीत दिलायी।
पहली पारी में खराब बल्लेबाजी-
भारतीय टीम ने सेंचुरियन के मैदान पर 113 रनों की ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, जिसका सबसे बड़ा कारण था पहली पारी में भारतीय टीम की बल्लेबाजी, सेंचुरियन टेस्ट के दौरान भारतीय टीम ने पहली पारी में 327 रनों का स्कोर खड़ा किया जिसका फायदा उसे दूसरी पारी में भी मिला। वहीं जोहान्सबर्ग टेस्ट के दौरान भारतीय टीम ने बल्लेबाजी में शर्मनाक प्रदर्शन किया और पहली पारी में सिर्फ 202 रन ही बनाकर ऑल आउट हो गये। पहली पारी में सिर्फ 200 रन बनाने की वजह से साउथ अफ्रीका की टीम ने भारत पर बढ़त हासिल कर दबाव बना दिया, जिसके चलते दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजी बिखर गई और सिर्फ 240 रनों का ही लक्ष्य दे सकी। अगर भारतीय टीम को पहली पारी में अच्छा स्कोर मिलता तो वो दूसरी पारी में सेंचुरियन की तरह अच्छा टारगेट देकर दबाव बना सकती थी।
चौथे दिन की बारिश ने बिगाड़ा खेल-
भारतीय टीम के लिये जीत की राह में जो चौथा सबसे बड़ा कारण रहा वो था बारिश, तीसरे दिन के खेल के बाद साउथ अफ्रीका की टीम ने 2 विकेट खोकर 118 रनों का स्कोर खड़ा किया था और जीत के लिये उसे 122 रनों की दरकार थी। हालांकि बारिश की वजह से चौथे दिन पहले दो सेशन का खेल नहीं हो सका। इस दौरान पिच पर नमी और मैदान के गीले पन ने गेंदबाजी कर रही भारतीय टीम को परिस्थितियों का फायदा उठाने से दूर रखा। जिसका फायदा उठाते हुए साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाये और मैच को भारतीय टीम की पकड़ से दूर ले गये। इसकी वजह से भारतीय टीम विकेट चटका पाने में नाकाम रही और साउथ अफ्रीका ने आसानी से एक ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली।
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