रायगढ़। खनिज विभाग के अधिकारी एक तरफ कुछ क्रशर संचालकों पर कहर बनकर टूट रहे हैं टी वहीं कुछ पर इस कदर मेहरबान हैं कि सरकारी नियमों को दरकरार करने से भी बाज नही आ रहे। खनिज विभाग के कुछ अधिकारी के बारे में एक कहावत जनलोक में प्रशिद्ध है कि हम जिस क्रशर को चाहें सील कर सकते हैं। अक्सर यह बात भी सुनने में आती हैं कि खनिज विभाग के अधिकारी जिस संचालक पर मेहरबान होते हैं टीमरलगा-गुड़ेली क्षेत्र स्थित वो क्रशर संचालक किसी सरकारी नियम कायदों की परवाह नहीं करते और खुलेआम किसी भी कानूनी कार्यवाही के भय से मुक्त होकर बिंदास तरीके से अपने दो नम्बरी मंसूबों को पूरा करते हैं। उनकी करतूत देखकर अब यह सच भी लगता नजर आ रहा है। ताज़ा मामला गुड़ेली स्थित छत्तीसगढ़ क्रेशर का हैं जो बीतें 10 सालों से भी अधिक समय से डेढ़ हेक्टेयर भूमि पर खदान संचालित करता रहा है अब हाल ही में उसकी खदान की लीज़ खत्म हो गई हैं लेकिन अब उसी भूमि पर पुनः भंडारण हेतु लीज़ ली जा रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जहाँ खदान था वहाँ भंडारण कैसे मिला और अब उसी भूमि पर भंडारण हेतु दोबारा लीज़ कैसे दी जा सकती हैं…?

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